Two women scientists won Nobel Chemistry Prize for gene editing tool | जीन एडिटिंग टूल के बारे में बताने वाली दो महिला वैज्ञानिकों को मिला कैमिस्‍ट्री का नोबेल

स्टॉकहोम: नोबेल पुरस्कार (Nobel awards) इस समय पूरी दुनिया में चर्चा में हैं. इसी कड़ी में रसायन के लिए भी इस साल के पुरस्कार विजेताओं का एलान हो गया. 2012 में एमानुएल शारपेंटियर (Emmanuelle Charpentier) और जेनिफर ए. डुडना ने सीआरआईएसपीआर/सीएएस9 जेनेटिक स्नाइपिंग टूल (CRISPR-Cas9 DNA snipping tool) की खोज की थी. उन्हें इस साल से नोबेल पुरस्कार (Nobel Chemistry Prize) के लिए चुना गया है.

फ्रेंच-अमेरिकी जोड़ी को सम्मान
एमानुएल शारपेंटियर फ्रांस के हैं, तो जेनिफर डुडना का तालुक अमेरिका से है. नोबेल कमेटी मानती है कि इससे मानवता का बहुत भला हुआ है. इनकी मदद से जीवों के डीएनए को रिसर्चर अतिसूक्ष्मता के साथ बदल सकते हैं. इस नई तकनीक के कारण कैंसर के इलाज में मदद मिली है और आनुवांशिक रोगों का इलाज संभव हो सका है. 

अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर पुरस्कार
डायनामाइट का आविष्कार करने वाले वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की संपत्ति से यह पुरस्कार दिया जाता है. 1895 में अल्फ्रेड नोबेल (Alfred Nobel) ने अपनी अंतिम वसीयत पर दस्तखत किए थे और अपनी संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा इन पुरस्कारों के लिए दान कर दिया था. दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के विजेता को करीब 11 लाख अमेरिकी डॉलर की रकम मिलती है. रसायन के क्षेत्र में अबतक कुल 111 बार नोबेल पुरस्कार दिया गया है.




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