UK, Canada impose sanctions on Belarus President Alexander Lukashenko | यूके और कनाडा ने इस देश के राष्ट्रपति पर लगाया प्रतिबंध, जानें क्या है वजह?

लंदन: बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (Belarus President Alexander Lukashenko) के खिलाफ कनाडा और ब्रिटेन (UK and Canada) खुलकर सामने आ गए हैं. दोनों देशों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन पर लुकाशेंको, उनके बेटे और सात वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

इन प्रतिबंधों में यात्रा प्रतिबंध के साथ ही लुकाशेंको, उनके बेटे विक्टर लुकाशेंको और सात अन्य अधिकारियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कदम शामिल हैं. बेलारूस में विवादित राष्ट्रपति चुनाव का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के मुद्दे पर ब्रिटेन और कनाडा ने यह प्रतिबंध लगाया है.

दिया स्पष्ट संदेश
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब (UK Foreign Secretary Dominic Raab) ने कहा कि ब्रिटेन और कनाडा ने प्रतिबंध लगाकर अलेक्जेंडर लुकाशेंको के हिंसक और फर्जी शासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि हम धांधली वाले इस चुनाव के परिणाम को स्वीकार नहीं करते. उन्होंने आगे कहा कि हम बेलारूस के लोगों के साथ हैं और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के प्रयास करते रहेंगे.

अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
राब इस समय दक्षिण कोरिया की यात्रा पर है. उन्होंने पहले भी 9 अगस्त को बेलारूस में हुए मतदान को लेकर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकार की दमनकारी नीति का विरोध करते हुए कहा कि मामले की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की जानी चाहिए.

यूरोपीय संघ की चेतावनी
27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ प्रतिबंध की चेतावनी दी है, लेकिन साइप्रस ने इसका विरोध किया है. कनाडा और ब्रिटेन द्वारा उठाये गए कदम के बाद लुकाशेंको इन देशों की यात्रा नहीं कर पायेंगे और न ही बैंक के माध्यम से इन देशों से धन का आदान-प्रदान कर सकेंगे. किसी देश के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का यह अपनी तरह का पहला मामला है. 

फ्रांस के प्रस्ताव पर रूस ‘लाल’
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (French President Emmanuel Macro) इस राजनीतिक विवाद के हल के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन उनका यह प्रस्ताव रूस को पसंद नहीं आया है. बेलारूस, एक पूर्व सोवियत गणराज्य है, जो रूस के साथ निकटता रखता है. इस बीच, विपक्षी लीडर सिवातलाना त्सिकोउन्स्काया (Sviatlana Tsikhounskaya) ने मैक्रॉन से मुलाकात की और उन्हें बेलारूस की स्थिति से अवगत कराया. 

पूरे विवाद को यूं समझिए
बेलारूस में कुछ वक्त पहले राष्ट्रपति चुनाव हुए थे. इस चुनाव में राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को 80 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन लोगों का कहना है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गई. इसी को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हुए. बड़े पैमाने पर लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन लुकाशेंको पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उल्टा वह प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपट रहे हैं. हाल ही में राष्ट्रपति ने उन अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया, जिन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने में मदद की थी. इससे स्पष्ट हो जाता है कि लुकाशेंको सरकार प्रदर्शनकारियों से किस तरह निपटना चाहती है. सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करीब 12,000 प्रदर्शनकारियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है.

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