छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों, आदिवासियों और ग्रामीणों का जल सत्याग्रह, चिता आंदोलन और आमरण अनशन लगातार जारी है। आंदोलन के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रभावितों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।उमंग सिंघार ने कहा कि परियोजना से प्रभावित लोग अपने अधिकार और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय देने के बजाय झूठे मुकदमों और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों तक पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रभावितों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। उन्होंने परियोजना के सर्वे में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर पात्र परिवारों को उचित मुआवजा, आवास और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की।इस दौरान आंदोलनकारियों ने भी अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि केन-बेतवा सहित अन्य बांध परियोजनाओं से उनकी जमीन, जंगल और आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित महिला को तीन एकड़ कृषि भूमि, 2013 के कानून के अनुसार पुनर्वास और सभी पात्र परिवारों को न्याय मिलने जाएगे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।आंदोलन स्थल पर जल सत्याग्रह, चिता आंदोलन और आमरण अनशन जारी है। प्रभावितों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
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