
नारायणसामी के इस्तीफे के बाद उपराज्यपाल टी. सुंदरराजन ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी
खास बातें
- बीजेपी और सहयोगी दलों ने नहीं किया था सरकार बनाने का दावा
- उप राज्यपाल सुंदरराजन ने की थी राष्ट्रपति शासन की सिफारिश
- पुदुच्चेरी में अप्रैल-मई माह में भी होने हैं विधानसभा चुनाव
नई दिल्ली:
केंद्रीय कैबिनेट ने पुदुच्चेरी में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक भाजपा और उसके सहयोगी दल ने वहां पर सरकार बनाने का दावा नहीं करने के फैसला किया था. सूत्रों के अनुसार, उपराज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी. उप राज्यपाल ने सिफारिश के लिए पत्र भेजा था . पुदुच्चेरी में अप्रैल-मई माह में विधानसभा चुनाव होने हैं.
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गौरतलब है कि पुदुच्चेरी में नारायणसामी सरकार ने बहुमत खो दिया है. वहां सोमवार को विश्वास मत परीक्षण होना था लेकिन इसके पहले ही मुख्यमंत्री नारायणसामी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पिछले हफ्ते कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस की सरकार संकट में आ गई थी. रविवार को भी दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वी नारायणसामी के पास बस 11 विधायकों का साथ रह गया था, बल्कि विपक्षी दलों के पास कुल 14 विधायक थे. कांग्रेस के विधायक के. लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक के विधायक वेंकटेशन के रविवार को इस्तीफा देने के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई है, जबकि विपक्षी दलों के 14 विधायक थे. गौरतलब है कि नारायणसामी ने बीजेपी और एनआर कांग्रेस पर उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था.
पुदुच्चेरी: CM नारायणसामी ने दिया इस्तीफा, BJP को ठहराया कसूरवार
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