बर्लिन: कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए जर्मनी (Germany) से भी एक अच्छी खबर आ रही है. बुधवार को यहां की एक अनलिस्टेड कंपनी CureVac ने कहा है कि एक वैक्सीन 2021 के मध्य में बाजार में आ सकती है. CureVac अगले साल के शुरू में एप्रूवल के लिए आवेदन कर सकतीी है. जर्मन वैक्सीन रेगुलेटर PEI के प्रेसिडें क्लॉस सिचुएटेक ने एक ज्वाइंट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ये बात कही.
इसके साथ ही CureVac देश में प्रतिद्वंद्वी BioNTech के बाद दूसरी कंपनी बन जाएगी, जो एक प्रयोगात्मक कोरोना वायरस वैक्सीन का हयूमन ट्रायल शुरू करेगी. ट्रायल लॉन्च में जर्मनी और बेल्जियम के 144 प्रतिभागियों को वैक्सीन के अलग-अलग डोज मिलेंगे.
पहले सार्थक परिणाम सितंबर या अक्टूबर में उपलब्ध हो सकते हैं और अगले साल के मध्य में अनुकूल परिस्थितियों में कार्ड पर इसका अप्रूवल हो सकता है. कंपनी ने कहा है कि इसका फेज II ट्रायल सितंबर या अक्टूबर में शुरू हो सकता है, बशर्ते फेज I के नतीजे अच्छे हों.
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बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 प्रायोगिक कोरोना वायरस वैक्सीन को सूचीबद्ध किया है जो वर्तमान में हयूमन ट्रायल कर रहे हैं.
जर्मन सरकार ने सोमवार को 300 मिलियन यूरो (338 मिलियन डॉलर) का कैश इंजेक्शन कर क्योरवैक में 23% हिस्सेदारी लेने के एक समझौते को उजागर किया है.
यह कंपनी Tuebingen में स्थित है और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) द्वारा समर्थित है. यह तथाकथित मैसेंजर आरएनए (RNA ) एप्रोच का उपयोग कर रही है, जैसे कि बायोएनटेक और उसके साथी फाइजर और मॉडर्ना कर रहे हैं.


