लोगों की लापरवाही से खतरे की घंटी बज सकती है. (Demo Pic)
कोरोना के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए मास्क पहनकर घर से निकलना अनिवार्य किया गया है लेकिन बाजार से लेकर शहर भर में अधिकांश लोग बिना मास्क के नजर आते हैं.
नाश्ता के ठेला, गुमटी, होटल खोलने को लेकर कोई आदेश नहीं है लेकिन इसके बाद भी पार्सल सेवा का सूचना लगाकर दुकानों के बाहर लोगों को बड़ा, समोसा परोसा जा रहा है. पान ठेला को संचालन की अनुमति है लेकिन मादक पदार्थों के सार्वजनिक स्थल पर रोक के बावजूद लोग गुटखा और पान की पीक इधर-उधर थूकते दिख रहे हैं. सिगरेट और बीड़ी के धुएं भी जहां-तहां उड़ाए जा रहे हैं. इन नियमों के पालन को लेकर अब कड़ाई भी नजर नहीं आ रही है जिसका फायदा उठाया जा रहा है. देश, प्रदेश और शहर खुल चुका हैं, लेकिन संक्रमण के खतरे के बीच लोगों की ऐसी लापरवाही भारी पड़ सकती है.
नियम तोड़ना पड़ सकता है भारी
लोगों पर कड़ी कार्यवाही कर परेशान नहीं करने संबंधी उच्च निर्देश का लाभ लोग नियम तोड़कर उठा रहे है. इस कारण शहर में यातायात नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है. वाहनों की भीड़ के बीच जाम की स्थिति निर्मित हो रही है जबकि संक्रमण से बचने संयमित रहना जरूरी है. प्रशासन ने सशर्त आटो परिचालन की अनुमति दी है. ऑटो में यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य किया गया है. लेकिन ऑटो चालक सामान्य दिनों की तरह ही कोरोना काल में भी ऑटो के आगे और पीछे सीट पर ठूंस-ठूंस कर यात्री बिठा रहे हैं. चौक-चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस के जवान भी कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं.
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First published: June 3, 2020, 12:52 PM IST