UP Board Exam 2020: इन दो अफसरों ने तैयार किया नकल रोकने का अनूठा सिस्टम – up board exam 2020 state monitoring system to stop copying in exam know about this system tedu

UP Board Exam 2020: उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पहली बार एक नया प्रयोग किया गया है. ये प्रयोग है एक ऐसे मॉनिटरिंग सेंटर का, जिसके सेटअप से लेकर क्रियान्वयन तक सरकार की तरफ से कोई भी बजट नहीं लिया गया.

इस प्रयोग को करने के पीछे जिन लोगों का हाथ है उनमें प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला और विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा राजेश कुमार का नाम शामिल है.

दरअसल परीक्षा केंद्रों की केंद्रीकृत मॉनिटरिंग के लिए सरकार 5 से 10 करोड़ रुपये का बजट देने में हिचक रही थी.  लिहाजा उच्च माध्यमिक शिक्षा मंत्री और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा. जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला और विशेष सचिव राजेश कुमार ने कार्ययोजना तैयार की.

इस कार्ययोजना के मुताबिक शिक्षा विभाग के तमाम सेक्शन्स और स्कूलों की कम्प्यूटर लैब्स में खाली पड़े कम्प्यूटर सिस्टम्स मंगाए गए. सिस्टम्स के हिसाब से सभी कम्प्यूटर में डीवीआर सिस्टम लगाए गए.

इसमें जिन लोगों ने अपने स्कूलों में परीक्षा केन्द्र बनाने के लिये आवेदन किया था, उन्हें कहा गया कि अपने स्कूलों में सीसीटीवी और इंटरनेट कनेक्शन के इंतजाम करें. इसके बाद लखनऊ के माध्यमिक शिक्षा परिषद के दफ्तर में सेंट्रल कमांड ऑफिस बनाया गया.

मॉनिटरिंग के लिये स्कूलों से मगांए गए 80 कम्प्यूटर्स को मंडलवार अलग-अलग डेस्क पर लगाया गया और इसे परीक्षा केन्द्रों के सीसीटीवी से जोड़ा गया. इसके लिये सरकारी विभाग में ही काम कर रहे कम्प्यूटर एक्सपर्ट और तकनीक के जानकार बीटेक अधिकारियों की मदद ली गई.

मॉनिटरिंग के लिये बडी एलईडी स्क्रीन का इंतजाम भी नगर निगम और दूसरे विभागों से किया गया. शिक्षा विभाग के दूसरे अधिकारियों को ही मॉनिटरिंग के लिए भी लगाया गया. इसके साथ पल पल की जानकारी के इंटरनेट और फोन के जरिये मॉनिटर करने के लिए डेस्क बनाई गई.

यहां छात्रों की समस्या के समाधान और शिकायतों के लिए सरकार की डायल 112 सेवा का सहयोग लिया गया. इस तरह हर विभाग और सरकारी कर्मचारी को ही काम पर लगाकर शिक्षा विभाग ने सरकार का करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने से बचाया और आगे के लिए स्वयं संसाधनों को जुटाने की नई तकनीक भी निकाली. अब विभाग की मंशा है कि मॉनिटरिंग के जरिए नकल माफिया पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए ताकि बच्चे बिना नकल की उम्मीद किए परीक्षाएं दें और बेहतर भविष्य बना सकें.

स्टूडेंट्स के लिए हुए हैं ये खास इंतजाम

– परिवहन विभाग ने छात्रों की सुविधा के लिए पहली बार परिवहन विभाग की 105 बसों को लगाया है ताकि दूरदराज के परीक्षा केन्द्रों तक छात्रों को ले जाया जा सके.

– बिजली विभाग ने 24 घंटे बिजली देने के लिए अतिरिक्त मेगावाट बिजली की सप्लाई का इंतजाम किया है.

– स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस और डॉक्टर्स का इंतजाम किया है जिससे किसी विषम परिस्थिति में फौरन इलाज मुहैया कराया जा सके.

– पीडब्ल्यूडी विभाग ने दूरदराज के इलाकों के परीक्षा केंद्रों में फिर से सड़कें बनाई हैं और पुरानी सड़के दुरूस्त की हैं.

– हर परीक्षा केंद्र पर सीसीसटीवी के अलावा पानी, ओआरएस घोल, दवाईयों और मंडल स्तर पर काउंसिलिंग सेल भी बनाए हैं.

– पुलिस विभाग ने अतिरिक्त एसटीएफ और पुलिस फोर्स लगाई है ताकि नकल माफिया पर रोक लग सके.

– जोनवाइज पूरे प्रदेश में कम्प्यूटर के जरिये मॉनिटरिंग करके रियल टाइम एक्शन लिया जा रहा है.

– किसी छात्र को कोई समस्या हो उसके लिये अलग से टोल फ्री नम्बर जारी किया है जिस पर शिकायत पर फौरन कार्रवाई होगी.

यहां करें श‍िकायत

टोल फ्री नम्बर 18001805310

ट्रोल फ्री नम्बर 18001805312

सुबह 8 से शाम 8 बजे तक करें संपर्क,

 @upboardexam2020 से ट्विटर पर जुड़ें

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