Uric Acid: यूरिक एसिड के मरीज न करें दही का सेवन, हो सकता है गठिया का खतरा – uric acid foods to eat and not to eat treat it naturally at home

Edited By Sakshi Pandya | नवभारत टाइम्स | Updated:

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शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) के बढ़ने से गठिया (Gout) की बीमारी हो जाती है। इस बीमारी से बचने के लिए आपको अपने खान-पान पर खास ध्यान देने की जरूरत है। यूरिक एसिड को घर बैठे ही नॉर्मल स्तर पर रखा जा सकता है। यूरिक एसिड को नॉर्मल रखने के लिए अपनी डाइट में शामिल करें ये फूड्स:

सेब: कहा जाता है ‘एन एप्पल ए डे कीप्स द डॉक्टर अवे’ एप्पल में मैलिक एसिड होता है जो शरीर में मौजूद यूरिक एसिड को कम कर देता है। इससे यूरिक एसिड से ग्रसित रोगियों को आराम मिलता है।

एप्पल साइडर विनेगर: अगर आपके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत हाई है तो एप्पल साइडर विनेगर आप के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। आप 1 ग्लास पानी में 3 चम्मच विनेगर मिला सकते हैं। इसे आप दिन में 2 से 3 बार तक ले सकते हैं।

पानी: दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीना ही चाहिए। यह अन्य लाभ के साथ यूरिक एसिड को भी कंट्रोल में रखता है। सही मात्रा में पानी पीने से यूरिक एसिड समेत शरीर की बाकी गंदगी भी बाहर निकलती है। इसलिए रोजाना 8 से 9 ग्लास पानी जरूर पिएं।

फ्रेश सब्जियों के जूस: चुकंदर, गाजर, खीरे आदि का फ्रेश जूस पिएं। यह खून में मौजूद हाई यूरिक एसिड को ठीक रखता है।

नींबू: नींबू में सिट्रस एसिड मौजूद होता है, यह यूरिक एसिड का साल्वेंट है। इसे रोजाना सही मात्रा में लेने से यूरिक एसिड लेवल ठीक रहता है। एक ग्लास पानी में आधे नींबू का रस मिलाकर रोज पिएं।

ग्रीन टी: यूरिक एसिड को ठीक करने के लिए रोजाना ग्रीन टी भी पीना लाभकारी है। इससे यूरिक एसिड कम रहता है और गठिया होने की संभावना बहुत कम रहती है।

किन फूड्स का न करें सेवन

दही: दही में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। अधिक प्रोटीन यूरिक एसिड के मरीजों के लिए नुकसानदेह होता है। दही में मौजूद ट्रांस फैट शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को और बढ़ा देते हैं। इसलिए यूरिक एसिड के मरीज दही से परहेज करें।

आइसक्रीम और फास्ट फूड: फास्ट फूड और आइसक्रीम का सेवन आमतौर पर भी शरीर के लिए लाभकारी नहीं होता। यूरिक एसिड के रोगियों के लिए यह और भी हानिकारक होता है।

मांस-मछली: इस तरह के फूड में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है। इससे शरीर में जोखिम बढ़ने की आशंका अधिक रहती है। इससे गठिया होने का अधिक खतरा रहता है। इसलिए इस तरह के खाने से बचें।


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