US Elections: Pakistan will be happy as Biden becomes president, know the reason, know the reason |US Elections: ट्रंप के राज में दुखी PAK बाइडेन के राष्ट्रपति बनते ही होगा खुश, जानिए वजह

नई दिल्लीः दुनिया भर के लोग इस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Election) के फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. वैसे रुझानों को देखते हुए लग रहा है कि जो बाइडेन राष्‍ट्रपति का चुनाव जीतने के काफी करीब हैं. डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) पिछड़ रहे हैं और कोर्ट का रुख कर रहे हैं बाइडेन बढ़त बनाए हुए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि जो बाइडेन यदि जीतकर अमेरिका के 46वें राष्‍ट्रपति बनते हैं तो भारतीय उपमहाद्वीप पर क्‍या प्रभाव होगा? कूटनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि डोनाल्‍ड ट्रंप के दौर में भारत और अमेरिका के रिश्‍तों में काफी करीबी देखी गई. वहीं ये भी कहा जा रहा है कि बाइडेन के राष्ट्रपति बनने से पाकिस्तान को काफी राहत मिलेगी. डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तान की सरकार नाराज थी क्‍योंकि उन्‍होंने आर्थिक मदद रोकने के साथ-साथ आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्‍तान को लगातार फटकार लगाई. इस वजह से ट्रंप के साथ पाकिस्‍तान के रिश्‍ते सहज नहीं रहे और दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ी.

इस पृष्‍ठभूमि में कहा जा रहा है कि जो बाइडेन के राष्‍ट्रपति बनने के बाद पाकिस्‍तान को राहत मिल सकती है. इसलिए ही बाइडेन की जीत में उसको अपना हित नजर आ रहा है. इसकी कुछ खास वजहें भी हैं:

बाइडेन का पाक से पुराना रिश्ता
पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान भी ट्रंप की बजाए जो बाइडेन को अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर देखना चाहते होंगे. दरअसल, डेमोक्रेट उम्मीदवार बाइडेन एक पुराने राजनयिक हैं और उनका पाकिस्तान से पुराना रिश्ता है. उनके पाकिस्तान के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं लिहाजा वे उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से बचेंगे. 

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बाइडेन को ये सम्मान दे चुका पाकिस्तान
मालूम हो कि पाकिस्तान ने जो बाइडन को साल 2008 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘हिलाल-ए-पाकिस्‍तान’ से सम्मानित किया था. उस वक्त, बाइडन के साथ ही सीनेटर रिचर्ड लुगर भी पाकिस्तान को 1.5 बिलियन डॉलर की गैर-सैन्य सहायता प्रदान करने के पक्ष में थे. लुगर के इस समर्थन से प्रभावित होकर पाकिस्तान ने उन्हें भी ‘हिलाल-ए-पाकिस्‍तान’ दे डाला था.

उस वक्त आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और उन्होंने पाकिस्तान को लगातार समर्थन के लिए बाइडन को धन्यवाद दिया था. भले ही जरदारी अब राष्ट्रपति की कुर्सी पर नहीं हैं, लेकिन पाकिस्‍तान को उम्मीद पूरी होती जरूर नजर आ रही है.  पाकिस्तानी विश्लेषकों को लगता है कि जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीति के पुराने युग की एक बार फिर से वापसी होगी. 

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