US Presidential election 2020 joe biden waited 50 years for president elect | US Election: बाइडेन का वो सपना जो 50 साल बाद होने जा रहा पूरा

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन (Joe Biden) को ‘स्लीपी जो’ (Sleepy Joe)  बुलाते हैं और उन्होंने यह भी कहा था कि 77 साल के बुजुर्ग के हाथों में सत्ता सौंपना अमेरिका के लिए खतरनाक होगा. लेकिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election 2020) में जो बाइडेन ने उन्हें पछाड़ दिया है. बाइडेन, व्हाइट हाउस की रेस में अब बस कुछ ही कदम दूर हैं. 

अमेरिका का राष्ट्रपति कौन बनेगा ये तो अभी तय नहीं हो पाया है. लेकिन राष्ट्रपति बनना जो बाइडेन (Joe Biden) का 50 सालों का सपना था. 

20 नवंबर 1942 को पेनसिल्वेनिया के स्क्रैटन में पैदा हुए जो बाइडेन ने अपने संस्मरण ‘प्रॉमिसेज टू कीप’ में लिखा है कि उन्हें राजनीति की शिक्षा अपने दादा से मिली. 

29 साल की उम्र में बाइडेन ने यूएस सीनेट में अपनी जगह बनाई
साल 1972 में 29 साल की उम्र में जो बाइडेन ने यूएस सीनेट में अपनी जगह बनाई. उस वक्त वह पांचवें सबसे कम उम्र के सांसद थे. लेकिन इसी साल उनके साथ एक भयानक हादसा भी हुआ. उनकी पत्नी नीलिया और नवाजात बेटी नाओमी की सड़क हादसे में मौत हो गई. उनके बेटे ब्यू और हंटर भी इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गए थे. 

ये वो वक्त था जब बाइडेन अपनी सारी महत्वाकांक्षाओं को खो चुके थे. उन्होंने यह भी कहा था कि मैं उस वक्त मैं ये समझ सकता था कि कैसे कोई आत्महत्या करने का फैसला करता होगा. लेकिन फिर बाइडेन फिर दोबारा उठकर खड़े हुए.​ दिन में वो सीनेटर होते और रात में अपने बच्चों का ख्याल रखने वाले पिता. 

दो बार जानलेवा दौरे पड़े
हालांकि इसके बाद भी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं. साल 1988 में उन्हें दो बार जानलेवा दौरे पड़े और उनके ​चेहरे की मांस​पेशियों में लकवा मार गया. साल 2015 में उनके बेटे ब्यू की कैंसर से मौत हो गई. वहीं उनके हंटर बाइडेन ने ड्रग्स की आदत को छोड़ने के लिए लंबा संघर्ष किया. हंटर को यूएस नेवी से कोकीन का इस्तेमाल करने के ​चलते निकाल दिया गया था.

उनके दोस्त टेड कॉफमैन ने एक बार कहा था कि मेरी नजर में बाइडेन सबसे बदकिस्मत व्यक्ति भी हैं जिन्हें मैं जानता हूं और सबसे खुशकिस्मत भी.

जब उनके बेटे की मौत हुई तब बाइडेन अमेरिकी उप राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल में थे. लेकिन साल 2015 में उन्होंने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की रेस से अपना नाम वापस ​ले लिया. वह अपने बेटे की मौत से दुखी थे. 

लेकिन राष्ट्रपति बनना बाइडेन का जिंदगी भर का सपना था. 

ओबामा के कार्यकाल में जब मौका मिला तो सब हैरान रह गए
उन्होंने साल 1980 में कोशिश की पेपर साइन किया लेकिन 1984 में इसे सबमिट नहीं किया. फिर उन्होंने 1988 में भी कोशिश की लेकिन प्लेजरिज्म को लेकर विवादों में घिर गए. लेकिन साल 2008 में उन्हें ओबामा के कार्यकाल में जब मौका मिला तो सब हैरान रह गए. साल 2015 में जब वह राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हुए तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह 4 साल बाद वापसी करेंगे. 

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