उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण नि:शुल्क होगा तथा निजी अस्पतालों से टीका लगाने पर 250 रूपए देने होंगे.(सांकेतिक तस्वीर)
अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण (Vaccination) के लिए पंजीकरण कराने के लिये आधार कार्ड प्राथमिकता से ले जाना होगा. इसके अलावा फोटोयुक्त वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, पेंशन दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में से कोई भी दस्तावेज मान्य होगा.
निजी अस्पतालों से टीका लगाने पर 250 रूपए देने होंगे
अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराने के लिये आधार कार्ड प्राथमिकता से ले जाना होगा. इसके अलावा फोटोयुक्त वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, पेंशन दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में से कोई भी दस्तावेज मान्य होगा. उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण नि:शुल्क होगा तथा निजी अस्पतालों से टीका लगाने पर 250 रूपए देने होंगे.
लगभग 60 लाख नागरिकों का टीकाकरण किया जाएगाअधिकारियों ने बताया कि टीका लगने के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने, दूसरों से दो गज की दूरी रखने और हाथों की सफाई करने जैसे निर्देशों का पालन करना होगा. उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार, दूसरा डोज लगने के दो सप्ताह बाद ही शरीर में एंटीबाडी बनता हैं इसलिए कोरोना संक्रमण से बचाव का उपाय करना जरूरी है. अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में 40 निजी अस्पताल टीकाकरण केंद्र के रूप में कार्य करेंगे. बाद में इसकी संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने बताया कि राज्य में दूसरे चरण में लगभग 60 लाख नागरिकों का टीकाकरण किया जाएगा. बता दें कि छत्तीसगढ़ में रोज सैंकड़ों कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं.


