मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई. सांकेतिक फोटो.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मौसम ने करवट ले लिया है. बीते 10 वर्षों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि भी अप्रैल-मई के भीषण गर्मी के महीने में बारिश जैसे हालात हों.
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग (Weather department) के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने न्यूज 18 से बताया कि एक द्रोणिका दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश से दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है. दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से बहुत अधिक मात्रा में नमी आ रही है. 14 मई को छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. अधिकतम तापमान में प्रदेश में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. आज रायपुर, सरगुजा, बिलासपुर संभाग, बस्तर संभाग में एक दो स्थानों पर चलेगी अंधड़ साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है.
मौसम परिवर्तन है संकेत
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक जिस तरह से मौसम बदल रहा है यह साफ संकेत हैं कि लोग जाने अनजानें में जिस तरह से प्राकृति से छेडछाड़ कर रहे हैं, यह आने वाले सयम के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. पहले अप्रैल मई जून के माह में आंधी तूफान आते थे, मगर इस कदर नहीं. अब आंधी तूफान और बारिश गर्मी के दिनों में सामान्य सी बात हो गई है, मगर इसका नुकसान भी है. इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. फसलें खराब हो सकती हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य बिगड़ने के भी संकेत हैं.ये भी पढ़ें:
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First published: May 14, 2020, 6:20 AM IST


