what causes bloating in the stomach: Bloating causes: उम्र बढ़ते ही क्यों होती है पेट में सूजन और भारीपन की समस्या, जानिए वजह

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। चेहरे पर झुर्रियां, सफेद बाल, त्वचा का मुरझाना जैसे बढ़ती उम्र के आम लक्षण हैं। इसी के साथ-साथ लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगती हैं। उम्र के एक पढ़ाव पर लोगों को मोतियाबिंद (cataracts), मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, गर्दन दर्द (neck pain), मधुमेह (Diabetes) सहित न जाने कितने ही विकारों का सामना करना पड़ता है।

वृद्धावस्था में लोगों की सेहत को प्रभावित करने वाली हेल्थ कंडीशन की एक लंबी लिस्ट में ब्लोटिंग यानी पेट फूलना की भी एक बड़ी समस्या है। आमा भाषा में इसे इसे पेट की सूजन भी कहते हैं। पेट की सूजन को गेस्ट्राइटिस भी कहते हैं और इसके कई बार कोई लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन महसूस होते हैं। यहां हम आपको इस विकार के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

​ब्लोटिंग का क्या कारण है?

आमतौर पर सभी एज ग्रुप के लोग समय-समय पर अपने पेट को फूला हुआ महसूस करते हैं। लेकिन एक उम्र के साथ ये समस्या बार-बार होने लगती है। पेट में सूजन तब होती है जब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट हवा या कहें गैस से भर जाता है। यही गैस हमारे पेट को भरा हुआ, तंग या सूजा हुआ महसूस कराती है। अत्यधिक पेट फूलना और पेट में गड़गड़ाहट सूजन के कुछ अन्य सामान्य लक्षण हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं जिनके बारे में यहां जिक्र है। वृद्ध लोगों के मामलों में इन्हीं फैक्टर्स के कारण बार-बार सूजन होती है।

  • बहुत तेजी से भोजन करना
  • एक साथ ढेर सारा पानी पी जाना
  • धूम्रपान करना
  • देर तक च्युइंग गम चबाना
  • इरिटेटेड बाउल सिंड्रोम (IBS)
  • कब्ज
  • गैस बनना

​फूड सेंसिटिविटी

कुछ विशिष्ट फलों और सब्जियों में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है जिसे पचा पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। पेट में फाइबर को पचाने में थोड़ी मुश्किल होती थी, जिससे अक्सर पेट फूलने या सूजन की समस्या हो जाती है। यही वजह है कि वृद्ध लोगों के लिए ठीक से पका हुआ हल्के भोजन करने की सलाह दी जाती है, जिसे वे आसानी से निगल सकें। यदि ये समस्या गंभीर है तो उन्हें ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए जो अक्सर सूजन का कारण बनते हैं।

​पेट के एसिड में कमी

उम्र बढ़ने के साथ ही पेट में भोजन पचाने वाले एसिड की भी कमी हो जाती है जिससे बुजुर्गों का पेट फूलने लगता है। बता दें कि बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ ही फूड को डाइजेस्ट करने वाले एसिड पेप्सिन का उत्पादन लगभग 40 प्रतिशत कम हो जाता है।

पेप्सिन की कमी से शरीर के लिए प्रोटीन को तोड़ना मुश्किल हो जाता है, जिससे लोग फूला हुआ महसूस करते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए लोगों को प्रोटीन के एनिमल बेस्ड सोर्स का सेवन कम करना चाहिए। साथ ही उन्हें अपनी डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन को शामिल करना चाहिए।

​दवाओं का सेवन

कुछ दवाएं भी आपके पाचन संबंधी समस्या के लिए भी जिम्मेदार हो सकती हैं। ब्लोटिंग एस्पिरिन, फाइबर सप्लीमेंट्स और कुछ दर्द निवारक जैसी दवाओं का साइड इफेक्ट हो सकता है। यदि आपको कोई नई दवा दी गई है जिससे पेट फूल रहा है या आप इसे खाने से काफी असहज महसूस कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

​दूसरी हेल्थ कंडीशन्स

कुछ अन्य स्वस्थ्य स्थितियां जो ज्यादातर बुढ़ापे में उभरती हैं, जो सूजन और बैचेनी का कारण बन सकती हैं।

  • इरिटेबल बॉएल सिंड्रोम
  • सीलिएक रोग (Celiac disease)
  • क्रोहन रोग (Crohn’s disease)
  • गैस्ट्रोएसोफेगल प्रतिवाह रोग(GERD) (Gastroesophageal reflux disease
  • पेट दर्द
  • बड़ी आंत में सूजन
  • इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज
  • मधुमेह (Diabetes)

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