what to eat in loose motions: Best Food To control Loose Motions: पेट में मरोड़ उठना और लूज पॉटी आना, जानें इस स्थिति से निपटने के घरेलू तरीके – easiest digestive foods which are good to eat during diarrhea or loose motions in hindi

पेट में मरोड़ होना

-एक्यूट डायरिया के दौरान पॉटी से पहले पेट में मरोड़ (Cramps) होती है और पॉटी के दौरान भी दर्द होता है। पॉटी लूज होती है और इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। यहां जानें, कैसे आप इस स्थिति पर नियंत्रण पा सकते हैं…

कैसे कर सकते हैं स्थिति पर नियंत्रण?

-एक्यूट डायरिया की स्थिति से निपटने के लिए आप सबसे पहले अपने खान-पान पर ध्यान दें। आपको इस तरह का भोजन लेना होगा, जो आपके मोशन में सुधार करे। जब मोशन में सुधार होने लगे तब भी लंबे समय तक अपने खान-पान पर नजर बनाए रखने की जरूरत होती है ताकि आपके पाचनतंत्र, आंतों और लिवर को हील किया जा सके…

शरीर में पानी की कमी ना होने दें

-सबसे पहले इस बात को जान लें कि डायरिया होने पर सबसे अधिक खतरा इस बात का होता है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इस कारण आपका स्वास्थ्य तेजी से खराब हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए आप ओआरएस घोल का सेवन करते रहें।

-यदि मार्केट से इलेक्ट्रॉल पाउडर (ओआरएस) लाने में दिक्कत हो तो आप घर में गुनगुने पानी में नमक, चीनी का घोल बनाकर भी ले सकते हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में 2 से 3 चम्मच चीनी और 2 चुटकी नमक मिलाकार घोल लें। फिर इसे घूंट-घूंट कर पिएं।

खान-पान में इन्हें शामिल करें

-आप अपनी डायट में पका हुआ केला, चावल, सूजी के टोस्ट और सेब शामिल करें। ध्यान रखें कि डायरिया की स्थिति में पाचनतंत्र बहुत अधिक कमजोर होता है इसलिए सेब को छीलकर ही उपयोग में लाएं।

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पका हुआ केला रोकता है लूज मोशन

-पका हुआ केला लूज मोशन को रोकने में सहायक होता है। साथ ही आंतों और लिवर के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है। आप केले को काला नमक लगाकर खा सकते हैं। इससे शरीर में सोडियम की कमी नहीं होगी। आपका बीपी भी सामान्य रखने में सहायता मिलेगी।

मूंग दाल की खिचड़ी सबसे गुणकारी

-छिलके सहित हरी मूंगदाल की खिचड़ी डायरिया की स्थिति में सबसे अधिक लाभकारी भोजन होता है। आप इस खिचड़ी को थोड़ा-सा अधिक पानी रखकर पकाएं ताकि यह सॉफ्ट और लूज बने।

-इससे आपके पेट को यह खिचड़ी पचाने में आसानी होगी। इसके बाद आप इस खिचड़ी मीठी दही या देसी घी के साथ खाएं। ये दोनों ही आपके शरीर में कमजोरी नहीं आने देंगे। ध्यान रखें खट्टी दही पेट में दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए इसे ना खाएं।

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