जेनेवा: चीन ने अमेरिका को तो वुहान आकर कोरोना वायरस (coronavirus) को लेकर जांच करने से फिलहाल रोक दिया है लेकिन अब वो डब्ल्यूएचओ (WHO) के साथ क्या करेगा? ये सवाल इसलिए पैदा हो गया है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने चीन के साथ जांच में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है.
डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने एएफपी को एक ईमेल में बताया है कि संयुक्त राष्ट्र के इस निकाय को उम्मीद है कि चीन अपनी जांच में हिस्सा लेने के लिए उसे आमंत्रित करेगा कि क्या ‘कोरोनोवायरस की उत्पत्ति जानवरों से हुई है.’
दरअसल, इस वायरस की उत्पत्ति हाल के हफ्तों में कई विशेषज्ञों के लिए एक बड़ा विवादास्पद मुद्दा बन गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा भी शामिल है कि यह वुहान प्रयोगशाला में हुई एक दुर्घटना के कारण फैल गया था.
गुरुवार को ही अमेरिकी खुफिया सेवाओं ने एक बयान में कहा था कि यह व्यापक वैज्ञानिक सहमति के साथ सहमत है कि कोविड -19 वायरस मानव निर्मित या आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं था.
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि यह वुहान की एक प्रयोगशाला से फैला था. हालांकि, राष्ट्रपति ने अपने दावों को सही साबित करने के लिए अब तक कोई सबूत पेश नहीं किया है. इस बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने सबूत देखे हैं. मैं आपको यह नहीं बता सकता. मुझे आपको यह बताने की अनुमति नहीं है.’
बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोरोनोवायरस प्रकोप फैलाने को लेकर की सजा के रूप में चीन पर शुल्क लगाने का संकेत दिया.
उधर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी ने चीन से खुली और पारदर्शी जांच का अनुरोध किया है. जिसमें कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ इस संबंध में मदद कर सकता है. हालांकि, चीनी सरकार ने जांच के किसी भी इरादे का संकेत नहीं दिया है, बल्कि उसने तो इसे खारिज करते हुए यहां तक कह दिया था कि उसे अपराधी न समझा जाए, वह खुद इस वायरस का पीड़ित है.
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ पहले कह चुके हैं कि अमेरिका यह नहीं जानता है कि यह कहां से शुरू हुआ. उन्होंने कहा था, ‘हमें नहीं पता कि क्या यह वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से आया है. हमें नहीं पता कि यह किसी बाजार या अन्य जगह से निकला है. हम इन सवालों के जबाव नहीं जानते हैं. ‘
इस बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा कि वह इस प्रकोप की उत्पत्ति को निर्धारित करने के लिए सामने आने वाली सूचनाओं और अपनी इंटेलीजेंस के जरिए इस पर परीक्षण करना जारी रखेगा.

