मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के जोबट कस्बे में दशहरे के मौके पर रावण दहन को लेकर अनोखा मामला सामने आया. यहां वार्ड नंबर-5 के बच्चों और स्थानीय लोगों ने मिलकर करीब 20 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया था. लोगों की योजना अपने वार्ड में ही रावण दहन करने की थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इसकी अनुमति नहीं दी. पुलिस का कहना था कि जिस जगह पुतला जलाने की तैयारी की जा रही थी, वहां आसपास घनी आबादी है. ऐसे में आग लगने या किसी हादसे की आशंका थी. इसी वजह से लोगों को सुरक्षित जगह पर रावण दहन करने की सलाह दी गई.पुलिस ने रोका तो रावण की अर्थी निकाल दीपुलिस की रोक से नाराज वार्ड के लोगों और बच्चों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने रावण के पुतले को अर्थी की तरह सजाया और उसे कंधों पर उठाकर जुलूस निकाल दिया. इस दौरान लोग राम नाम सत्य है और जय श्री राम के नारे लगाते हुए सड़कों से गुजरे. रावण के पुतले की अर्थी निकलते देख सड़क से गुजर रहे लोग भी हैरान रह गए. आमतौर पर दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन जोबट में अनुमति को लेकर हुए विवाद के कारण यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया.दशहरा मैदान पहुंचने पर पुलिस ने रोकावार्ड नंबर 5 से निकला जुलूस शहर की मुख्य सड़कों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचा. यहां पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लोगों को कुछ देर के लिए रोक दिया. इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत हुई. स्थिति स्पष्ट होने के बाद विवाद को सुलझा लिया गया. जोबट थाना प्रभारी विजय वास्कले के मुताबिक, बच्चों को असुरक्षित जगह पर रावण दहन करने से मना किया गया था. उन्हें इसके बजाय दशहरा मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था.अनुमति मिलने के बाद हुआ रावण दहनप्रशासन से अनुमति मिलने के बाद वार्ड नंबर 5 के लोगों ने आखिरकार अपने 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दशहरा मैदान में दहन किया. खास बात यह रही कि इसी मैदान में शाम को नगर पालिका की ओर से पहले ही 41 फीट ऊंचे रावण का पारंपरिक दहन किया जा चुका था. इस तरह रावण दहन को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रोक लगाने की बात कही, जबकि स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए रावण की अर्थी निकालकर विरोध किया. अब जोबट में हुए इस अनोखे प्रदर्शन की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.


