WHO says Wuhan Wet Market Role in Coronavirus | कोरोना पर चीन की पूरी ‘क्राइम’ कुंडली! अब WHO ने भी माना, वुहान ही था वायरस का पहला ठिकाना

नई दिल्ली: अमेरिका (America) बार-बार कहता रहा कोरोना (Corona) को फैलाने के पीछे चीन का हाथ है, पूरी दुनिया चीन के वुहान (Wuhan) शहर को बार-बार कोरोना के लिए जिम्मेदार ठहराती रही, लेकिन इस बीच WHO कोरोना के खिलाफ चीन के कदमों की तारीफ करता रहा, लेकिन अब आखिरकार WHO ने ये माना है कि दुनियाभर में कोरोना चीन के वुहान से ही पहुंचा है.

21वीं सदी के 20वें साल में दुनिया के सामने और WHO के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है वो कोविड-19 है. कोरोना की वजह से मौत के आंकड़ें और कोरोना के फैलने का संक्रमण तो दुनिया के सामने सबसे बड़ी परेशानी है ही लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है WHO की बीते 4 महीनों में बदलती भूमिका और उसके बदलते जवाब, क्योंकि बीते 4 महीनों से चीन की कोरोना के खिलाफ कोशिशों की तारीफ करता WHO अब कोरोना के पैदा होने या इसके फैलने के पीछे चीन के वुहान को ही जिम्मेदार मान रहा है.

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वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने कहा है कि यह साफ है कि कोरोना वायरस में वुहान की मीट मार्केट की भूमिका रही है, लेकिन इस मामले में अभी और रिसर्च की जरूरत है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि या तो वुहान के मार्केट से यह वायरस विकसित हुआ या फिर यहां से इसका फैलाव हुआ है. चीन के अधिकारियों ने जनवरी में इस मार्केट को बंद कर दिया था. इसके साथ ही वन्यजीवों के व्यापार में अस्थायी प्रतिबंध भी लगा दिया था.

WHO के फूड सेफ्टी जूनॉटिक वायरस एक्सपर्ट डॉ. पीटर बेन ऐंबरेक ने कहा, ‘मार्केट ने इस इवेंट में भूमिका निभाई है, यह साफ है लेकिन क्या भूमिका, यह हमें नहीं पता है. क्या वह वायरस का स्रोत था या यहां से बढ़ा या सिर्फ इत्तेफाक कि कुछ केस मार्केट के अंदर और आसपास पाए गए.’

पीटर ने कहा कि यह बात साफ नहीं हो सकी कि जिंदा जानवरों या इन्फेक्टेड दुकानदारों या खरीददारों में से कौन वायरस को मार्केट में लाया. पीटर ने चीन पर लगाए जा रहे अमेरिका के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया. बता दें कि अमेरिका का दावा है कि उसके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि वायरस चीन में ही पैदा हुआ था. पीटर के अनुसार ‘रीसर्चर्स को Mers वायरस ऊंटों से पैदा हुआ था, यह पता करने में एक साल लग गया था. अभी देर नहीं हुई है.’ Mers वायरस 2012 में सऊदी अरब में पैदा हुआ था और मिडिल ईस्ट में फैल गया था. 

कोरोना वायरस को लेकर सारी दुनिया चीन पर आरोप लगाती रही कि उसने अपने यहां वायरस फैलने से रोकने की कोशिश समय पर नहीं की और बाकी दुनिया को भी अंधेरे में रखा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर भी चीन का पक्ष लेने आरोप लगता रहा लेकिन WHO की ओर से कहा जा रहा है कि चीन इसपर और सफाई से जांच कर सकता है.

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WHO के फूड सेफ्टी जूनॉटिक वायरस एक्सपर्ट डॉ. पीटर बेन ऐंबरेक ने कहा, ‘जांच की बात की जाए तो इस बात की संभावना ज्यादा है कि चीन के पास जांच के सभी साधन हैं और बहुत से योग्य रीसर्चर्स भी हैं. लेकिन जैसा कि मैंने कहा, कभी-कभी समूहों और शोधकर्ताओं के साथ और दुनिया भर के लोगों के साथ विचार-विमर्श और सहयोग करना बहुत उपयोगी होता है, जो समान घटनाओं और समान अध्ययनों से गुजरे हैं, ताकी एक समान मुद्दों पर अपने अनुभवों को बांट सकें.’

सवाल चीन से तो पूरी दुनिया ही पूछ रही थी कि कोरोना के खिलाफ उन्होंने देर क्यों की लेकिन WHO का बचते बचाते चीन के वेट मार्केट को निशाने पर लेना फिर कई सवाल खड़े कर रहा है. इन सबमें सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या इस बार कोरोना को लेकर चीन सच बोल रहा है या ये फिर अमेरिका के विरोध के बाद और चीन के समर्थन में WHO की कोई नई चाल है?




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