why dahi-chiwda is so healthy: बिहार में खूब चाव से खाया जाता है दही-चिवड़ा, जानें सेहत के लिए कितना है फायदेमंद – why you should eat dahi chiwda the healthiest bihari breakfast

पचने में आसान

दही चिवड़ा खाने से पेट पूरी तरह भर जाता है। लेकिन यह उतनी ही तेजी से पचता भी है। सुबह सबसे पहले दही चिवड़ा खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। इसके साथ ही पाचन क्रिया को भी आसान बनाता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।

फाइबर से भरपूर

चिवड़ा में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है। यह पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाता है और आंत को भी स्वस्थ रखता है। इसलिए लोग सुबह नाश्ते में दही चिवड़ा खाना पसंद करते हैं।

खाना खाने के बाद अक्‍सर लोग कर बैठते हैं ये गलतियां, जिसके बाद शरीर में नहीं लगता कुछ भी खाया हुआ

कैलोरी में कम

यदि आप कम कैलोरी का सेवन करके अधिक एनर्जी प्राप्त करना चाहते हैं, तो दही चिवड़ा एक बेहतर नाश्ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक कटोरी दही चिवड़ा में आवश्यक पोषक तत्वों के साथ 300 कैलोरी पायी जाती है।

पेट ठीक रखे

दही और चिवड़ा पेट खराब होने की समस्या से उबरने में मदद करता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में लूज मोशन को नियंत्रित करने के लिए इसे दिन के पहले भोजन के रूप में सेवन किया जाता है। यह काफी हल्का होता है और आसानी से पट जाता है। इसके अलावा यह एसिडिटी की समस्‍या को भी काफी हद तक ठीक रखता है।

जानें लूज मोशन में खिचड़ी के फायदे, आखिर पेट खराब होने पर क्यों दी जाती है खिचड़ी खाने की सलाह

आयरन से भरपूर

माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं के लिए दही और चिवड़ा का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है जो जेस्टेशन एनीमिया के जोखिम को दूर करता है।

जानें इसे खाने का सही तरीका

  • 1-2 चम्मच पोहा को छलनी में लेकर बहते हुए पानी के नीचे धोकर अच्‍छी तरह से साफ कर लें।
  • फिर इसे 2 मिनट के लिए अलग रख दें।
  • अब जब पोहा थोड़ा फूल जाए, तो इसे अपने कटोरे में डालें और इसमें 1-2 चम्मच दही मिलाएं।
  • स्‍वाद बढ़ाने के लिए इसमें एक चुटकी काला नमक मिलाएं।
  • यदि आपको इसे तीखा खाना पसंद है तो आप इसमें एक छोटी सी हरी मिर्च भी काट कर डाल सकते हैं।

सर्दी के मौसम में दही और चिवड़ा देश के कई हिस्सों में बहुत पॉपुलर है। सुबह नाश्ते में इस देसी डिश को खाने से शरीर को पोषण मिलता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं दूर हो जाती हैं।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here