Working on common approaches with India in Pacific, Indian Ocean says Russian envoy | रूसी राजदूत के बयान से बढ़ेगी चीन की चिंता, इस क्षेत्र में भी रणनीतिक साझेदारी

नई दिल्ली : रूस (Russia) ने कहा है कि वह भारत (India) के साथ प्रशांत (Pacific) और हिंद महासागर (Indian Ocean) में विकास से संबंधित व्यापक और एकसमान दृष्टिकोण के साथ काम कर रहा है. भारत-रूस के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ के 20 साल पूरा होने के मौके पर रूसी राजनयिक ने ये बातें कहीं. गौरतलब है कि अक्टूबर 2020 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने “भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर घोषणा” पर हस्ताक्षर किए.

भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव (Nikolay Kudashev) ने रणनीतिक साझेदारी के दो दशक पूरा होने के मौके पर कहा कि ‘रणनीतिक साझेदारों का अर्थ एकजुट होकर काम करना होता है जिसमें दो देशों की नियति भी एक दूसरे की भलाई से बंधी होती है. इसमें दोनो देश और उनकी जनता के अस्तित्व से जुड़े मुद्दों पर एक समान सोंच के साथ काम किया जाता है, जिससे नजदीकियां बढ़ने के साथ रिश्तों में मजबूती आती है. 

संगठन में शक्ति का हवाला
रूसी दूत ने कहा कि सामूहिक साझेदारी के दौरान किसी भी पक्ष से जुड़ी समस्या का समाधान एक साथ ढूंढा जाता है. एक सोंच के साथ समान दिशा और रफ्तार से आगे बढ़ने पर निर्धारित लक्ष्य जल्दी हासिल हो जाते हैं. चाहे प्रशांत सागर और हिंद महासागर हो या फिर पर्सिया की खाड़ी सही दिशा में साथ चलने पर कोई रुकावट नहीं आती.

अमेरिका को लेकर आपत्ति नहीं
कुदाशेव ने कहा कि भले ही भारत और अमेरिका इंडो-पैसिफिक की अवधारणा पर पहले से साथ काम कर रहे हैं. नई दिल्ली की ओर से मास्को को इस बारे में जानकारी साझा की गई है, और इससे हमें कोई परेशानी नहीं है. 

कोरोना काल में बढ़ी नजदीकी 
रूसी दूत ने उल्लेख किया कि कैसे दोनों देश संयुक्त रूप से कोविड -19 महामारी से निपटने के लिए साथ आए. और इस मोर्चे पर भी भारत और रूस नई चुनौतियों और खतरों का मुकाबला कर रहे हैं. इन खतरों में आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध जैसी चीजें शामिल हैं.

कोरोना संकट के बीच, भारत ने इस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को रूस भेजा था वहीं रूस अपनी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक V को भारत भेज रहा है.

वर्तमान साल 2020 में भी भारत और रूस ने बेहद खास और  विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के स्तर पर साथ चलते हुए दस साल का सफर एक साथ चलते हुए पूरा किया. रूस के राजदूत ने कहा है कि दोनों देश एक दूसरे के हितैषी हैं, इसलिए भारत-रूस (India-Russia) की साझेदारी से यूरेशिया और दुनिया के बाकी हिस्सों का भविष्य भी बेहतर होगा. गौरतलब है कि पिछले महीने ही दोनो देशों के रक्षा मंत्री ने भी मुलाकात की थी.    

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