Journal Environmental Research में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार दूनिया में हर पांच में से एक लोग की मौत प्रदूषित हवा के वजह से होती है।
बता दें कि हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पेड़-पौधों के संरक्षण और उनके रोपण के लिए लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित करना होता है। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे पेड़-पौधों की लिस्ट लेकर आएं हैं जिन्हें लगाकर आप न केवल अपने आसपास की हवा को शुद्ध करेंगे बल्कि जेबे खाली कर देने वाली जानलेवा बीमारी से भी खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं।
नीम-

नीम स्वाद में कड़वा होता है लेकिन यह हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी होता है। इतना ही नहीं ये वातारण को शुद्ध भी बनाएं रखता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं। नीम हाई बीपी की समस्या को कम करने व इससे बचाव करने में सहायक होता है। इसके अलावा यह अल्सर, दमा, सांस संबंधी बीमारी और डायबिटीज जैसे समस्याओं को नियंत्रित करने का काम भी करता है।
तुलसी-

तुलसी का पौधा हिन्दूओं के लिए धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए भारत के ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा आसानी से देखने के लिए मिल जाता है। अगर आपके घर ये पौधा नहीं है तो लगा लीजिए क्योंकि इसमें एंटीस्ट्रेस, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी, एंटीमाइक्रोबियल, कार्डियोप्रोटेक्टिव, रेडियोप्रोटेक्टिव जैसे कई औषधीय गुण होते हैं। यह शरीर में सामान्य लगने वाली खांसी से लेकर कैंसर बन जाने वाली ट्युमर सेल्स से शरीर को बचाता है। इसके अलावा यह कीड़े को भी दूर रखता है। 2009 के एक अध्ययन से पता चला है कि तुलसी का तेल मच्छरों के लार्वा के लिए जहर की तरह होता है।
जैतून-

जैतून में एक नहीं कई सारी बीमारियों से बचाव करने वाले गुण होते हैं। इसलिए इसे औषधीय गुणों का भंडार भी कहा जाता है। इनमें मुख्य तौर पर हाइड्रोक्सीटायरोसोल (Hydroxytyrosol) नाम का तत्व मौजूद होता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल लेवल के साथ शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाली बीमारियों के खतरे को कम करता है। इसमें कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, पार्किंसंस, अल्जाइमर और मोतियाबिंद जैसी बीमारी शामिल हैं।
हल्दी-

हल्दी के औषधीय गुणों में एंटीइन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीट्यूमर, एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल, कार्डियोप्रोटेक्टिव, हेपटोप्रोटेक्टिव और नेफ्रोप्रोटेक्टिव गुण मुख्य हैं। जो लिवर, हार्ट और किडनी की सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। इतना ही नहीं इसमें एंटीकैंसर गुण भी मौजूद होते हैं जो प्रोस्ट्रेट, स्तन, और लंग्स कैंसर के जोखिम से बचाव में मदद कर सकता है।
रोजमेरी-

रोजमेरी के औषधीय तेल में फ्लेवोनोइड्स, डाइटरपीन्स, पॉलीफेनोल्स व अन्य कई प्रकार के प्रभावी तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर के दुर्गंध, जोड़ो के दर्द, पेट संबंधी परेशानियों के साथ लिवर डिटॉक्स में भी लाभदायक होता है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें पाए जाने वाला रोजमेरिनिक एसिड कैंसर जैसी घातक बीमारी के रोकथाम में फायदेमंद होता है।
लेमन ग्रास-

यह एक प्रकार का घास होता है जिसकी खूशबू लेमन जैसी होती है इसलिए इसे लेमन ग्रास कहा जाता है। इसका उपयोग चाय में अदरक की तरह किया जाता है। साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। इसमें बैक्टीरिया के संक्रमण, सूजन, फंगस से राहत दिलाने वाले गुण मौजूद होते हैं। लेमन ग्रास कोलेस्ट्रॉल, किडनी संबंधी बीमारी, कैंसर, मोटापा जैसी परेशानियों में भी लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा इसमें सिट्रोनेला नाम का तत्व पाया जाता है जो मच्छर और कीटों से निजात दिलाने में कारगर होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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