- इन कैंपों में धीरे-धीरे युवाओं की संख्या बढ़ रही है
- शिविरों में 92 प्रतिशत लोग 35 वर्ष की आयु के हैं
पाकिस्तान में हिंसक आतंकी विचारधाराओं के चंगुल में फंसे युवाओं के लिए सुधार कैंप (डी-रेडिक्लाइजेशन कैंप) चलाए जा रहे हैं. कट्टर विचारधारा के द्वारा बहला फुसला कर जिन नौजवानों को आतंक के रास्ते में धकेल दिया जाता है, उन्हें ऐसे सुधार कैंपों में लाया जा रहा है. इन कैंपों में धीरे-धीरे युवाओं की संख्या बढ़ रही है.
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अपने अध्ययन में पाया है कि इन कैंपों में से प्रत्येक की क्षमता 700 है और इनमें से दर्जनों कैंप भरे हुए हैं. ये कैंप पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हैं.
इन कैंपों की सेटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि इनमें से कई कैंपों का विस्तार किया गया है क्योंकि और ज्यादा लोग आ रहे हैं. उन्हें जगह देने के लिए इन्हें विस्तारित किया गया है.
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि जिन युवाओं ने हिंसक विचारधाराओं को अपना लिया है, उन हजारों युवाओं की जरूरतें पूरी करने के लिए शिविरों में नये बुनियादी ढांचे के साथ परिसर को विस्तार दिया गया है.
12 प्रतिशत अभी वयस्क भी नहीं हैं
इन कैंपों में जिन लोगों को लाया जा रहा है उनमें से ज्यादातर युवा हैं. खुफिया आकलन से पता चलता है कि इन शिविरों में 92 प्रतिशत लोग 35 वर्ष की आयु के हैं और 12 प्रतिशत अभी वयस्क भी नहीं हैं.
भारतीय सुरक्षा तंत्र से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, ‘यह देखने में आया है कि इन शिविरों में युवाओं की संख्या बढ़ रही है. इससे यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर अंकुश लगाने में असमर्थ है. वहां पर दर्जनों ऐसे शिविर हैं जो सामने आए हैं.’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 600 से 700 लोगों की क्षमता वाले इन कैंपों में लोगों की संख्या बढ़ रही है, यह दर्शाता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद लोगों को बहलाकर अपनी ओर लाने में सफल है.
35 फीसदी कैंप ग्रे जोन में हैं
आकलन के मुताबिक, इनमें से 37 प्रतिशत कैंप ब्लैक जोन में हैं. इसका मतलब है कि ये इलाके कट्टरता की चपेट में ज्यादा हैं. 35 फीसदी कैंप ग्रे जोन में हैं. सूत्रों ने आकलन के हवाले से बताया कि प्रभावी रूप से इसका मतलब है कि 70 प्रतिशत इलाके कट्टरता की उच्चतम श्रेणी में हैं.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने हाल ही में भारत में इस तरह के सुधार कैंप संबंधी टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया था और पाकिस्तान ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.