उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर महज 6.9 फीसदी, जबकि दिल्ली में 45.6 प्रतिशत। According to CMII survey report, unemployment rate in Uttar Pradesh is only 6.9 percent, while in Delhi is 45.6 percent

लखनऊ. कोरोना पर नियंत्रण के साथ योगी सरकार ने बेरोजगारी पर काबू पाने का रेकार्ड बना दिया है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMII) के ताजा सर्वे के आंकड़े इस बात की तस्‍दीक कर रहे हैं. CMII के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.9 फीसदी दर्ज की गई है. जो मार्च 2017 के मुकाबले लगभग तीन गुना कम है. CMII की रिपोर्ट के मुताबिक रोजगार उपलब्‍ध कराने के मामले में दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्‍यों के मुकाबले यूपी काफी आगे है. कोरोना से जंग के बावजूद योगी सरकार ने बेरोजगारी को राज्‍य में पैर नहीं जमाने दिया है. योगी सरकार ने पिछले 4 साल में युवाओं को 4 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने का रेकार्ड बनाया है.

CMII की रिपोर्ट में दिल्ली में बेरोजगारी दर 45.6 फीसदी

CMII की मई महीने की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्‍थान में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 27.6 फीसदी है, जबकि देश की राजधानी दिल्‍ली की स्थिति रोजगार के लिहाज से बेहद खराब है. दिल्ली की बेरोजगारी दर 45.6 दर्ज की गई है, पश्चिम बंगाल में 19.3, तमिलनाडु में 28.0, पंजाब में 8.8, झारखंड में बेरोजगारी दर 16.0, छत्तीसगढ़ में 8.3, केरल में 23.5, और आंध्र प्रदेश में 13.5 फीसदी है. देश की सबसे ज्‍यादा आबादी वाले यूपी में बेरोजगारी की दर महज 6.9 फीसदी है.

2017 में थी 17.5 फीसदी बेरोजगारी दरइसके पीछे सीएम योगी आदित्‍यनाथ की दूरदर्शी नीति और रोजगारपरक योजनाओं की बड़ी भूमिका है. मार्च 2017 में जब सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने राज्‍य की सत्‍ता संभाली थी तब प्रदेश में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 17.5 फीसदी था जो मौजूदा बेरोजगारी दर के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा था. गौरतलब है कि लगातार उद्योग और व्‍यापार बढ़ा रही योगी सरकार ने मार्च 2021 में 4.1 फीसदी के बेरोजगारी दर के न्‍यूनतम आंकड़े तक पहुंचा दिया था.

1.5 करोड़ लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. मिशन रोजगार के अन्तर्गत विभिन्न विभागों, संस्थाओं और निगमों आदि के माध्यम से प्रदेश के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. 4 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी से जोड़ने के साथ ही 15 लाख से अधिक लोगों को निजी क्षेत्र में और लगभग 1.5 करोड़ लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा है.

4 साल में 4 लाख से ज्यादा नौकरियां दीं योगी सरकार ने

योगी सरकार ने 4 साल में 4 लाख से ज्‍यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दे कर एक नया रेकार्ड बनाया. जबकि प्रदेश में वर्ष 2007 से 2012 के बीच बसपा सरकार में मात्र 91 हजार सरकारी नौकरियां दी गईं. तो वहीं वर्ष 2012 से लेकर 2017 के बीच समाजवादी पार्टी की सरकार अपने पूरे कार्यकाल में 2 लाख सरकारी नौकरियां ही युवाओं दे सकी थी.




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