कार्डिएक अरेस्ट से हुई सरोज खान की मृत्यु, जानें बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव


करीब 40 साल तक एक शानदार कोरियोग्राफर के रूप में भारतीय सिनेमा पर राज करनेवाली सरोज खान अब हमारे बीच नहीं रहीं ()। शुक्रवार की रात करीब 1.52 मिनट पर उन्हें की दिक्कत हुई और उन्होंने अंतिम सांस ली। यहां जानें क्या होता है कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में और कितनी होती है मरीज के बचने की संभावना…

सरोज खान बॉलिवुड की एक मशहूर कोरियोग्राफर रही हैं। माधुरी दीक्षित जैसी निपुण नृत्यांगना और अभिनेत्री को उन्होंने अपनी ताल पर नचाया है। लेकिन सांस से जुड़ी समस्या के चलते कुछ दिन पहले उन्हें मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां अचानक दिल की धड़कन रुक जाने के कारण उनकी मौत हो गई।

कोविड का था डर
-इस समय कोरोना महामारी का डर हर तरफ बना हुआ है। खासतौर पर बड़ी उम्र के लोगों में। सरोज खान की उम्र भी 71 साल थी। ऐसे में जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो प्राथमिक उपचार के बाद सबसे पहले उनका कोरोना टेस्ट कराया गया। लेकिन उनका यह टेस्ट नेगेटिव आया। यानी सरोज को कोरोना नहीं हुआ था।

किस तरह की परेशानियां हो रही थीं
-सूत्रों के मुताबिक सरोज खान डायबिटीज की पेशंट थीं। पिछले दिनों अचानक ठंड लगने की समस्या के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और कई बार उनकी सांस फूलने लगती थी। कोविड का टेस्ट नेगेटिव आने और स्थिति में कुछ सुधार को देखते हुए माना जा रहा था कि उन्हें 3 से 4 दिन के अंदर हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाएगी। लेकिन अचानक हुए कार्डिएक अरेस्ट ने सरोज खान को हमेशा-हमेशा के लिए हमसे दूर कर दिया।

क्या होता है कार्डिएक अरेस्ट?
-कार्डिएक अरेस्ट हृदय की सेहत से जुडी एक ऐसी समस्या होती है, जिसमें हमारा हार्ट अचानक से पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बंद कर देता है। बोलचाल की भाषा में इस स्थिति को दिल का काम ना करना कहा जाता है।

-जैसे ही शरीर में खून का प्रवाह बाधित होता है, वैसे ही वैसे ही सबसे पहले इसका बुरा असर हमारे ब्रेन पर पड़ता है और व्यक्ति को बेहोशी आने लगती है। साथ ही उसे सांस लेने में भी समस्या होने लगती है।

क्यों होता है कार्डिएक अरेस्ट?
-कार्डिएक अरेस्ट के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है। लेकिन यह बात साफ है कि कार्डिएक अरेस्ट की दिक्कत उन लोगों में अधिक होती है, जिनको पहले से ही दिल से संबंधित कोई बीमारी होती है।

-बढ़ती उम्र, लंबे समय से शरीर में कमजोरी का बने रहना या किसी गंभीर रोग के कारण भी इस तरह की स्थिति बन सकती है। ऐसे में पेशंट को तुरंत हार्ट एक्सपर्ट को दिखाना चाहिए।

कार्डिएक अरेस्ट से बचने के तरीके
-दिल की सेहत का खयाल रखना है तो नशे से जुड़ी हर आदत से दूर रहना होगा। सिगरेट और शराब का सेवन बंद करने के साथ ही हेल्दी फूड को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

-सोने, जागने और खाने का समय निश्चित करना होगा। ताकि आपके शरीर की बायॉलजिकल क्लॉक सही समय पर काम करे और आपको हेल्दी रहने में सहायता मिले।

-नियमित योग, व्यायाम और सैर करने से शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत होती है रहती है। इसके साथ ही रक्त का प्रवाह सही बना रहता है इससे दिल को हेल्दी रखना आसान रहता है।

-हार्ट की नसों में किसी भी तरह के ब्लॉकेज से बचने के लिए जरूरी होता है कि आप बहुत अधिक तैलीय भोजन ना करें। खाना बनाने में अच्छा क्वालिटी के खाद्य तेल का उपयोग करें।

-बढ़ती उम्र के साथ नियमित समय पर अपना कंप्लीट बॉडी चेकअप कराते रहें। ऐसा करने से किसी भी रोग को शरीर में पनपने से रोका जा सकता है। क्योंकि बीमारी शरीर में अपनी पकड़ मजबूत करे इससे पहले ही उसे पहचानकर उसका उपचार किया जा सकेगा।


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