किसानों के लिए कृषि कानून वापस ले केंद्र सरकार, देश हित में है फैसला: CM भूपेश बघेल

सीएम भूपेश बघेल.ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा.  (File)

सीएम भूपेश बघेल.ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. (File)

सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि किसान जानते हैं जहां पर मंडी खत्म हो गई है. जैसे बिहार वहां धान एक हजार रुपये क्विंटल बिक रहा है. छत्तीसगढ़ में सरकार 1868 रुपये में MSP पर खरीद रही है. किसानों को दोनों का अंतर साफ नजर आ रहा है.

दिल्ली/रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि किसानों की एक सूत्रीय मांग है, कृषि कानूनो को वापस लें. मगर सरकार इसे लंबा खींच रही है. सीएम बघेल का कहना है कि केंद्र सरकार चाहती है कि किसान आंदोलन (Kisan Andolan) किसी तरह से टूट जाए. उनका कहना है कि 11वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है तो सरकार को किसानों की मांग को मान लेना चाहिए. सरकार डेढ़ साल कृषि कानूनों (Farm Rule) को स्थगित कर सकती है, तो कानून वापस भी ले सकती है. देश हित में है कदम होगा. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि किसान जानते हैं जहां पर मंडी खत्म हो गई है. जैसे बिहार वहां धान एक हजार रुपये क्विंटल बिक रहा है.

मुख्यमंत्री का कहना है कि छत्तीसगढ़ में सरकार 1868 रुपये में MSP पर खरीद रही है. किसानों को दोनों का अंतर साफ नजर आ रहा है. उन्होंने बताया कि राज्य में 2500 रुपये तक खरीद रहे थे. केंद्र सरकार ने कहा कि बोनस किसानों को दोगे तो चावल नही खरीदेंगे. फिर MSP में खरीद रहे है और राजीव गांधी न्याय योजना में 10 हजार रुपए एकड़ किसानों को दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने 60 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने की सहमति दी थी. अब 24 लाख मेट्रिक टन ही खरीद रही है. उम्मीद है बजट में इसे बढ़ाकर 60 लाख मेट्रिक टन केन्द्र सरकार कर देगी.

छत्तीसगढ़ ने बनाया धान खरीदी का रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का 20 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. यहां अब तक का सर्वाधिक 84.44 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है. समर्थन मूल्य पर धान खरीदने में अभी 10 दिन और बाकी हैं. ये छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 20 वर्ष में इस साल सर्वाधिक धान खरीदी का रिकॉर्ड बन गया है. इस साल चालू सीजन में 21 जनवरी तक 84 लाख 44 हजार मीट्रिक टन  धान की खरीदी हो चुकी है, जो बीते साल खरीदे गए कुल धान 83.94 लाख मीट्रिक टन से 50 हजार मीट्रिक टन अधिक है, जबकि धान खरीदी के लिए 10 दिन अभी बाकी है. अब तक राज्य के 19 लाख 54 हजार 332 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके हैं. कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स को 27 लाख 70 हजार 693 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया जा चुका है, जिसके विरूद्ध अब तक 25 लाख 45 हजार 512 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है.ये भी पढ़ें:  Nalanda News: शराबबंदी वाले बिहार का एक थाना बना मयखाना, छत पर जमकर होती थी पार्टी, ऐसे खुली पोल

प्रदेश में वर्ष 2017-18 में जहां 56.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी. वहीं वर्ष 2018-19 में 80.83 लाख मीट्रिक तथा वर्ष 2019-20 में 83.94 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर क्रय किया गया था. पंजीकृत किसानों की संख्या में भी साल-दर-साल बढ़ोत्तरी हुई है. वर्ष 2017-18 में धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या 15.77 लाख थी, वह वर्ष 2018-19 में बढ़कर 16.96 लाख तथा वर्ष 2019-20 में बढ़कर 19.55 लाख हो गई थी. इस साल समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है, जो 21.52 लाख है.







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