कोरोना का बढ़ रहा संक्रमण, पीएम मोदी बोले- फैलाव कुछ बड़े राज्यों-शहरों में ज्यादा – Corona virus covid 19 narendra modi meeting states cm initial remarks virtual conference chief ministers unlock one

  • देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मरीज
  • देश में 3.5 लाख के पार हैं कोरोना मरीज

देश में कोरोना वायरस का कहर हर दिन बढ़ता ही जा रहा है. देश में अब कोरोना मरीजों का आंकड़ा 3.5 लाख के पार हो गया है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ये वास्तविकता है कि कोरोना का फैलाव कुछ बड़े राज्यों, बड़े शहरों में अधिक है.

राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दूसरे दिन अपने शुरुआती संबोधन में पीएम मोदी ने कहा-

‘अनलॉक-1 के बाद ये हमारी पहली मुलाकात है. देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनलॉक-1 के अनुभवों पर कल मेरी विस्तार से चर्चा हुई है. ये वास्तविकता है कि कोरोना का फैलाव कुछ बड़े राज्यों, बड़े शहरों में अधिक है. कुछ शहरों में अधिक भीड़, छोटे-छोटे घर, गलियों-मोहल्लों में फिजिकल डिस्टेंसिंग की कमी, हर रोज हजारों लोगों की आवाजाही, इन बातों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है.

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फिर भी हर देशवासी के संयम, अनेक जगहों पर प्रशासन की तत्परता और हमारे कोरोना योद्धाओं के समर्पण की वजह से हमने हालात को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया है. समय पर ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और रिपोर्टिंग के कारण हमारे यहां संक्रमण से रिकवर होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ये राहत की बात है कि आईसीयू और वेंटिलेटर केयर की जरूरत भी बहुत कम मरीजों को पड़ रही है.

समय पर उठाए गए सही कदमों के कारण हम सभी इस बड़े खतरे का मुकाबला कर पाए हैं. लॉकडाउन के दौरान देश की जनता ने जो अनुशासन दिखाया है, उसने वायरस की घातीय बढ़त को रोका है. चाहे इलाज की व्यवस्था हो, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर हो या प्रशिक्षित लोग हों, आज हम कहीं ज्यादा संभली हुई स्थिति में हैं.

आप भी इससे परिचित हैं कि सिर्फ तीन महीने पहले पीपीई के लिए, डायग्नोस्टिक किट्स के लिए सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया के अनेक देशों में हाहाकार मचा हुआ था. भारत में भी बहुत लिमिटेड स्टॉक था, क्योंकि हम पूरी तरह से इंपोर्ट पर डिपेंडेंट थे. आज स्थिति ये है कि पूरे देश में एक करोड़ से अधिक पीपीई और इतने ही एन-95 मास्क राज्यों तक पहुंचाए जा चुके हैं. हमारे पास डायग्नोस्टिक किट्स का पर्याप्त स्टॉक है और इनकी प्रॉडक्शन कैपेसिटी भी बहुत बढ़ाई गई है. अब तो पीएम-केअर्स फंड के तहत भारत में ही बने वेंटिलेटर की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है.

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आज पूरे देश में कोरोना की 900 से ज्यादा टेस्टिंग लैब हैं, लाखों कोविड स्पेशल बेड हैं, हजारों क्वारनटीन और आइसोलेशन सेंटर्स हैं और पेशेन्ट्स की सुविधा के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई भी है. लॉकडाउन के दौरान लाखों की संख्या में ह्युमन रिसोर्स को प्रशिक्षित किया गया है. सबसे बड़ी बात, आज देश का हर नागरिक इस वायरस के प्रति पहले से ज्यादा सचेत हुआ है, जागरूक हुआ है. ये सब कुछ राज्य सरकारों के सहयोग से, स्थानीय प्रशासन के दिन-रात काम करने की वजह से ही संभव हो पाया है.

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जीत का विश्वास दिलाने वाली इन बातों के बीच, हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, इंफॉर्मेशन सिस्टम, इमोशनल सपोर्ट और पब्लिक पार्टिसिपेशन पर इसी तरह निरंतर बल देना होगा.

कोरोना के बढ़ते हुए मरीजों की संख्या को देखते हुए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना, हर जीवन को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. ये तभी होगा जब कोरोना के प्रत्येक मरीज को उचित इलाज मिलेगा. इसके लिए हमें टेस्टिंग पर और अधिक बल देना है, ताकि संक्रमित व्यक्ति को हम जल्द से जल्द ट्रेस और ट्रैक और आइसोलेट कर सकें. हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि हमारी अभी की जो मौजूद टेस्टिंग कैपेसिटी है उसका पूरा इस्तेमाल हो और निरंतर उसको एक्पेंड भी किया जाए.

बीते दो-तीन महीने में काफी संख्या में क्वारनटीन और आइसोलेशन सेंटर्स का निर्माण हुआ है. इसकी गति हमें और बढ़ानी होगी ताकि कहीं पर भी मरीजों को बेड की दिक्कत न आए. कोरोना के इस टाइम में टेलेमेडिसिन का महत्व भी बहुत बढ़ गया है. चाहे वो होम क्वारनटीन या आइसोलेशन में रह रहे साथी हों, या फिर दूसरी बीमारियों से पीड़ित हों, सभी को टेलेमेडिसिन का भी लाभ मिले, इसके लिए हमें अपने प्रयास बढ़ाने होंगे.

ये आप भी भली-भांति जानते हैं कि किसी भी महामारी से निपटने में सही समय पर सही इंफॉर्मेशन का बहुत महत्व होता है. इसलिए हमें ये भी ध्यान रखना है कि हमारी हेल्पलाइन्स हेल्पफुल हों, हेल्पलेस नहीं. जैसे हमारे मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ हॉस्पिटल में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, वैसे ही हमें सीनियर डॉक्टर्स की बड़ी टीमें तैयार करनी होंगी जो टेलेमेडिसिन के माध्यम से बीमारों को गाइड कर सके, उन्हें सही इंफॉर्मेशन दे सके. इसके अलावा हमें यंग वॉलेंटियर्स की फौज भी जुटानी होगी जो पब्लिक के लिए प्रभावी रूप से हेल्पलाइन चला सकें.

जिन राज्यों में आरोग्य सेतु ऐप ज्यादा डाउनलोड हुआ है, वहां बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिले हैं. हमें लगातार कोशिश करनी है कि आरोग्य सेतु ऐप की रीच बढ़े, ज्यादा से ज्यादा लोग इसे डाउनलोड करें. हमें ये भी ध्यान रखना है कि अब देश में धीरे-धीरे मॉनसून आगे बढ़ रहा है. इस सीजन में जो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनसे निपटना भी बहुत जरूरी है, वरना वो बहुत बड़ी चुनौती बन सकती हैं.

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कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई का एक इमोशनल पहलू भी है. संक्रमण के डर से, इससे पैदा हुए स्टिग्मा से हम अपने नागरिकों को कैसे बाहर निकालें, इसके लिए भी हमें प्रयास करना है. हमें अपने लोगों को ये विश्वास दिलाना है कि कोरोना को परास्त करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है और ये तेजी से बढ़ भी रही है. इसलिए किसी को कोरोना हो भी गया है, तो वो घबराए नहीं.

जो हमारे कोरोना वारियर्स हैं, हमारे डॉक्टर हैं, दूसरे हेल्थ वर्कर्स हैं, उनके लिए भी जरूरी सुविधाओं को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए. उनकी हर स्तर पर देखरेख करना, ये हम सभी का, पूरे राष्ट्र का दायित्व है.

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में समाज के कई तबकों ने, हर क्षेत्र से जुड़े लोगों, सिविल सोसायटी के लोगों को भी हमें निरंतर प्रोत्साहित करते रहना है. उनकी इस पूरी लड़ाई में प्रशंसनीय भूमिका रही है. हमारे पब्लिक स्पेस में, हमारे दफ्तरों में मास्क या फेसकवर, फिजिकल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया को बार-बार लोगों को याद दिलाना है, इसमें किसी को लापरवाही नहीं करने देना है.

अनेक राज्य कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत सराहनीय काम कर रहे हैं. इन राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस हैं, जिनको शेयर करना जरूरी है. मुझे विश्वास है कि हर राज्य अपने अनुभव और अपने सुझाव, यहां खुले मन से रखेंगे. जिससे आने वाले दिनों में एक बेहतर रणनीति बनाने में हम सभी को मदद मिलेगी.’

देश में कितने कोरोना मरीज?

बता दें कि देश में हर रोज कोरोना वायरस के नए मरीजों की पुष्टि हो रही है. देश में अब तक 354065 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इसके अलावा देश में कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या भी 11 हजार के पार हो चुकी है. देश में 11903 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है. वहीं देश में 186935 कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज किया जा चुका है.




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