कोरोना: PM मोदी के ‘जान भी, जहान भी’ स्लोगन पर क्या बोले राज्यों के मुख्यमंत्री? – Coronavirus outbreak prime minister narendra modi slogan jaan bhi aur jahan bhi reaction of chief ministers covid 19 news

  • गोवा के सीएम बोले- सूबे के अंदर शुरू हो इकोनॉमिक एक्टीविटीज
  • झारखंड के CM ने कहा- दूसरे राज्यों में फंसे लोगों दी जाएं सुविधाएं
  • सचिन पायलट ने प्रीकॉशन्स के साथ थोड़ी राहत देने की बात कही

कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया को तबाही मचा रखी है. मोदी सरकार ने हिंदुस्तान में जानलेवा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन कर रखा है. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ रणनीति और तैयारी को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की.

इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने की सिफारिश की. वहीं, ओडिशा, पंजाब, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल ने लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ा भी दिया है. इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अब हमारा मंत्र ‘जान भी जहान भी’ है. इससे पहले पीएम मोदी ने ‘जान है तो जहान है’ का मंत्र दिया था.

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पीएम मोदी के इस स्लोगन और लॉकडाउन को लेकर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आजतक से खास बातचीत की.

लॉकडाउन को लेकर क्या बोले गोवा के मुख्यमंत्री?

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि हमने 30 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू रखने की सिफारिश की है. फिलहाल गोवा में केंद्र सरकार की गाइडलाइन को फॉलो किया जा रहा है.

सीएम सावंत ने कहा कि दूसरे राज्यों की अपेक्षा गोवा में हालात बहुत अच्छे हैं. लिहाजा हमने केंद्र सराकर से सिफारिश की है कि बॉर्डर सील होने के बाद सूबे के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए इकोनॉमिक एक्टीविटीज शुरू करने की इजाजत दी जाए. एक सवाल के जवाब में प्रमोद सावंत ने कहा कि सूबे में लोगों को आवश्यक चीजों की आपूर्ति की जा रही है. भविष्य में भी इसको लेकर कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी. हालांकि कोरोना को लेकर केंद्र सरकार की जो गाइडलाइन होगी, उसको फॉलो किया जाएगा.

जान भी जहान भी के स्लोगन पर क्या बोले सचिन पायलट?

लॉकडाउन को लेकर राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि लॉकडाउन के पहले चरण में गरीब और मजदूरों का एक राज्य से दूसरे राज्य को पलायन देखने को मिला. इसके चलते पैनिक भी हुआ. आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन को बेहतर करने की जरूरत है. लॉकडाउन और कर्फ्यू सफल नहीं रहा है. कई बार लोग कानून और नियमों का उल्लंघन करते रहे. लिहाजा इसको लेकर बेहद सख्त होने की जरूरत है. किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए.

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एक सवाल के जवाब में सचिन पायलट ने कहा कि कोई भी सरकार कर्फ्यू और लॉकडाउन नहीं चाहती है. पीएम मोदी के ‘जान भी, जहान भी’ के स्लोगन पर सचिन पायलट ने कहा कि लॉकडाउन से काफी संख्या में मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. लिहाजा सरकार को कृषि क्षेत्र को थोड़ी बहुत छूट देने के साथ कुछ इकोनॉमिक एक्टीविटीज शुरू करने की इजाजत देनी चाहिए, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी प्रीकॉशन्स अपनाए जाने चाहिए. इनसे कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

अगर झारखंड में कोरोना फैला, तो रोकना मुश्किल: हेमंत सोरेन

कोरोना वायरस और इसको रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर हमको तैयार रहना होगा. अब तक झारखंड में 17 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. यहां सबसे अच्छी बात यह है कि अभी तक कोरोना तीसरे चरण में नहीं फैला है.

झारखंड के करीब सात लाख मजदूर और गरीब दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. दूसरे राज्यों को उनको खाने-पीने और रहने की सुविधा मुहैया करानी चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ये लोग भागने की कोशिश करेंगे. अगर झारखंड के गांवों में कोरोना वायरस फैला, तो इसको रोकना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि झारखंड में मुंबई, जयपुर और दिल्ली जैसे हॉस्पिटल और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं.

पीएम मोदी के जान भी जहान भी स्लोगन पर हेमंत सोरेन ने कहा कि लॉकडाउन से सबसे ज्यादा गरीब और मजदूर परेशान हैं. झारखंड के गरीब और मजदूर पहले से ही भुखमरी से जूझ रहे थे. अब कोरोना ने इनके लिए और संकट पैदा कर दिया है.

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