घर में बूढ़े-बुजुर्ग हों तो खूब पिलाएं उन्‍हें चाय, उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं होगी याददाश्‍त – drinking black tea is good for older people memory even after aging reveals study

पानी के बाद चाय ही एक ऐसा पेय है, जो दुनियाभर में बड़ी चाव के साथ पिया जाता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि मौसम कैसा है या दिन का समय क्‍या है, अच्छी गर्म चाय का एक कप सभी को आराम देने के काम आ जाता है।

चाय न सिर्फ बड़ों को बल्‍कि, बूढ़ों को भी उतनी ही प्रिय होती है। यह स्‍वाद के साथ-साथ सेहत को भी लाभ पहुंचाने का काम करती है, खासतौर पर बुजुर्गों को। जी हां, एक नए अध्ययन में यह बातें सामने आई हैं कि

बूढ़े लोगों के लिए कैसे फायदेमंद है चाय

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि उम्र के साथ, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और हम नई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। लंबे और स्वस्थ जीवन जीने के लिए बुढ़ापे में अपने स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना सर्वोपरि हो जाता है। नई खोज बताती है कि एक दिन में 5 कप चाय पीने से 85 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में एक्‍यूरेसी और रिएक्‍शन देने की गति बढ़ सकती है। द नेशनल में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि संज्ञानात्मक कार्य बूढ़े लोगों को ड्राइविंग और ऐसी ही
कई गतिविधियों में मदद कर कसती है।

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डॉ एडवर्ड ओकेलो, जिन्होंने न्यूकैसल विश्वविद्यालय में मानव पोषण अनुसंधान केंद्र परियोजना का नेतृत्व किया, ने स्पष्ट किया कि संज्ञानात्मक क्षमता में वृद्धि न केवल चाय में मौजूद यौगिक के कारण होती है, बल्कि चाय का प्‍याला बनाने और उसे दोस्‍तों के साथ बातें शेयर करते हुए पीने में भी होती है।

क्‍या कहती है स्‍टडी

अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 2006 से 2020 के बीच एकत्रित 85-वर्षीय बुजुर्गों के 1000 से अधिक प्रतिभागियों के डेटा का अध्ययन किया। उनका प्राथमिक लक्ष्य इस बात का सबूत तलाशना था कि काली चाय पीने से मेमोरी लॉस से बचाव होता है। अंत में, उन्होंने पाया कि अधिक चाय पीने से जटिल कार्य करने की क्षमता (psychomotor speed) के साथ-साथ ध्यान की अवधि में काफी सुधार हो सकता है। हालांकि, उन्हें चाय पीने और समग्र मेमोरी फंक्शन के बीच कोई संबंध नहीं मिला।

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चाय पीने के अन्य फायदे

शंघाई में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (एनयूएस) और फुडान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन ने संकेत दिया कि हर दिन चाय की चुस्की लेने से बुजुर्गों में अवसाद का स्तर कम हो सकता है। इसमें भी, यह बात कहनी मुश्किल थी कि क्या चाय अवसाद का खतरा कम करती है या सामाजिक मेलजोल के कारण ऐसा होता है।

पहले प्रकाशित कुछ पत्रों में यह भी उल्लेख किया गया है कि चाय में मौजूद यौगिक- कैटेचिन, एल-थीनिन और कैफीन – मूड में सुधार कर सकते हैं, कैंसर को रोक सकते हैं और दीर्घायु बढ़ा सकते हैं।

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किस तरह की चाय है सेहत के लिए अच्छी

यह स्‍टडी खासतौर पर बिना चीनी मिली हुई ब्‍लैक टी के बारे में था। लेकिन लगभग सभी प्रकार की चाय में कमोबेश यही यौगिक होता है। इसलिए, ऐसी संभावनाएं हैं कि कोई सामान्य चाय पीने से भी लाभ प्राप्त कर सकता है। सुनिश्चित करें कि इसमें कम चीनी हो और सामान्य चाय से अधिक हर्बल चाय ही पिएं।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


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