चीन के राष्ट्रपति SCO के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग डिजिटल तरीके से एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और एकजुटता, आपसी विश्वास, बहुपक्षवाद को मजबूत करने तथा कोविड-19 के बाद के दौर में समूह के देशों की प्रगति के लिए अपना प्रस्ताव रखेंगे. रूस वीडियो लिंक के जरिए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा. रूस डिजिटल तरीके से 17 नवंबर को ब्राजील, रूस, भारत, दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) के नेताओं की बैठक का भी आयोजन करेगा.

एससीओ शिखर सम्मेलन में शी की उपस्थिति के बारे में गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए चीन के उप विदेश मंत्री ली युचेंग ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति अन्य नेताओं के साथ नए दृष्टिकोण के साथ जोखिम एवं चुनौतियों से निपटने, सुरक्षा ,स्थिरता बढ़ाने और विकास के कदमों पर चर्चा करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 नवंबर को डिजिटल तरीके से शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना है. मई में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध शुरू होने के बाद से मोदी और शी पहली बार बहुपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे. उप विदेश मंत्री ने इस बैठक में द्विपक्षीय वार्ता से इनकार किया क्योंकि इस शिखर सम्मेलन का आयोजन डिजिटल तरीके से होगा. उन्होंने उम्मीद जतायी कि कोविड-19 के बाद के दौर में आमने-सामने की बैठकें हो पाएंगी.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी एकजुटता, आपसी विश्वास, बहुपक्षवाद को मजबूत करने और कोविड-19 के बाद के दौर में समूह के देशों की प्रगति के लिए अपना प्रस्ताव रखेंगें. उप विदेश मंत्री ने कहा कि महामारी के बाद के दौर में एससीओ के देश आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के प्रभावी रास्ते, स्थिर आपूर्ति और उत्पादन कड़ी सुनिश्चित करने पर चर्चा करेंगे.

आठ राष्ट्रों वाले एससीओ में चीन का दबदबा है. यह क्षेत्रीय समूह दुनिया की 42 प्रतिशत आबादी और वैश्विक जीडीपी के 20 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है. चीन, रूस, कजाखस्तान, कीर्गिस्तान, ताजीकिस्तान और उज्बेकिस्तान एससीओ के संस्थापक सदस्य हैं. एससीओ का मुख्यालय बीजिंग में है. भारत और पाकिस्तान 2017 में इस समूह में शामिल हुए.

(इनपुट- एजेंसी भाषा)




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