- सर्वदलीय बैठक बुलाने का विपक्षी दलों ने किया स्वागत
- पीएम मोदी विपक्ष को भरोसे में लेने की करेंगे कोशिश
भारत ने सीमा पर जारी तनातनी और हिंसक झड़प के बाद चीन को घेरने की तैयारी तेज कर दी है. सैन्य और राजनीतिक मोर्चे दोनों पर हलचल तेज है. सैन्य मोर्चे पर सेना पूरी तरह तैयार है, तो राजनीतिक मोर्चे पर सरकार भी अलर्ट है. चीन के साथ तनाव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी सर्वदलीय बैठक कर रहे हैं. इस बैठक की शुरुआत में चीन सीमा पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई.
इस बैठक में सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, मायावती, नवीन पटनायक, उद्धव ठाकरे, शरद पवार समेत कुल 17 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 20 जवानों की शहादत पर जो सवाल विपक्ष के मन में हैं, आज उसके जवाब सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी देने जा रहे हैं. चीन के साथ जारी तनातनी पर अभी क्या हालात हैं, गलवान में क्या हुआ, इस पर प्रधानमंत्री मोदी खुद विपक्ष को भरोसे में लेंगे.
Delhi: Prime Minister Narendra Modi chairs all-party virtual meeting to discuss India-China border situation, at 7, Lok Kalyan Marg; 20 parties attend the meeting pic.twitter.com/CIix9MI6rp
— ANI (@ANI) June 19, 2020
यह सर्वदलीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही है. विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का स्वागत किया है. देश के बड़े मुद्दों पर विपक्ष को भरोसे में लेने की लोकतांत्रिक परिपाटी रही है.
इस दौरान पीएम मोदी चीन के खिलाफ अपनी सरकार के राजनयिक और सैन्य प्रयासों पर सहमति हासिल करने की कोशिश करेंगे. मोदी सरकार सभी दलों से चीन की आक्रामकता के खिलाफ भारत के साथ एकजुट होने की अपील करेंगे.
इस सर्वदलीय बैठक का मकसद ये भी है कि दुनिया देख ले कि पूरा भारत एक है. राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन जब देशहित का सवाल हो, तो पूरा हिंदुस्तान एकजुट हो जाता है.


