छत्तीसगढ़: न्यायाधीश PR रामचंद्र ने रायपुर में की पहली वर्चुअल अदालत की शुरुआत

विज्ञप्ति के अनुसार, यातायात उल्लंघन करने वाला चालान का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है. (सांकेतिक फोटो)

विज्ञप्ति के अनुसार, यातायात उल्लंघन करने वाला चालान का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है. (सांकेतिक फोटो)

विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल कोर्ट एप्लीकेशन (Court Application) को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है. इस एप्लीकेशन को उच्चतम न्यायालय की ई समिति के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (Chhattisgarh High Court) के मुख्य न्यायाधीश पीआर रामचंद्र मेनन (Judge PR Ramachandra Menon) ने राजधानी रायपुर में राज्य की पहली वर्चुअल अदालत की शुरुआत की. राज्य के जनसंपर्क विभाग ने शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुख्य न्यायाधीश मेनन ने आज राज्य की पहली वर्चुअल अदालत (Virtual court) तथा रायपुर स्थित नए न्यायालय भवन में निर्मित 18 अदालत कक्षों की ऑनलाइन शुरुआत की. विज्ञप्ति के अनुसार बिलासपुर से समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति मेनन ने कहा कि वर्चुअल अदालत के माध्यम से ऑनलाइन कार्यवाही करने से न्यायाधीशों के पास अन्य न्यायिक कार्यों के लिए समय की बचत होगी तथा यह आम पक्षकारों के लिए सुविधाजनक भी है. सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल कोर्ट एप्लीकेशन को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है. इस एप्लीकेशन को उच्चतम न्यायालय की ई समिति के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है. विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल अदालत में शुरुआत में यातायात से संबंधित मामलों की सुनवाई होगी तथा धीरे-धीरे अन्य मामलों की भी सुनवाई की जाएगी. इसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को अदालत आए बगैर जुर्माना भरने का विकल्प दिया जाएगा.

कम संसाधन की आवश्यकता जैसे लाभ हो सकते हैं
विज्ञप्ति के अनुसार, यातायात उल्लंघन करने वाला चालान का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है. यदि वह अदालत में जाना चाहता है तब यातायात विभाग को एक संदेश जाएगा और मामला सुनवाई के लिए अदालत में स्थानांतरित होगा. सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑनलाइन प्रणाली से तेजी से मामलों का निपटान तथा कम संसाधन की आवश्यकता जैसे लाभ हो सकते हैं. विज्ञप्ति के अनुसार इस अवसर पर जिले के न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद थे.







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here