छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले गर्माई राजनीति, भाजपा ने घोषित किया ‘चेहरा’, कांग्रेस ने कसा तंज

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अगले साल यानी 2023 में विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर यहां की सियासत गर्माई हुई है. भाजपा और कांग्रेस दोनों दल तैयारियों में जुटे हैं. इसी बीच 15 सालों तक छत्तीसगढ़ में राज करने वाली भाजपा ने अपने चुनावी चेहरे की घोषणा भी कर दी है. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के चेहरे वाले सवाल पर विराम लग गया है. बीजेपी के सह प्रभारी नितिन नवीन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा का चेहरा नरेंद्र मोदी होगा. नवीन के इस बयान के बाद भाजपा में भूचाल सा आ गया है. माना जा रहा है कि नितिन नवीन के इस बयान के बाद उन नेताओं की टेंशन बढ़ गई है जो खुद को भाजपा का चेहरा बनाने की जुगत लगा रहे थे.

दरअसल छत्तीसगढ़ बीजेपी की लगातार हुई चुनावी हार, संगठन की कमजोरी, आपसी गुटबाजी केंद्रीय नेतृत्व की रडार में बना हुआ है. वहीं बीजेपी सह प्रभारी के इस बयान से मानो सत्ताधारी दल कांग्रेस की बांछे खिल गई हैं. कांग्रेस की ओर से संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 15 साल शासन के बाद छतीसगढ़ बीजेपी की ऐसी दुर्गति हो गई है कि भूपेश बघेल का मुकाबला करने के इनके पास कोई चेहरा है नहीं बचा है.

चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ती भाजपा: रमन सिंह
नितिन नवीन के बयान के बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी की राजनीति में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. सवाल यह है कि क्या सच में बीजेपी के भीतर कोई चेहरा नहीं बचा है. क्या सच में रमन-धरम और साय की तिकड़ी जनता का विश्वास खो चुकी है. या फिर 15 साल के शासन के बाद चेहरे इतने दागदार हो गए हैं कि उन पर विश्वास जताकर 2023 के चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है.

इन तमाम सवालों के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी प्राथमिकता 2023 का चुनाव जीतना है. कांग्रेस की कमियों को उजागर करना है ना कि चेहरे की. वहीं इसी सवाल पर पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह ने कहा बीजेपी कभी भी चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ती है. हमेशा चुनाव जीतने के 1 घंटे के भीतर चेहरा तय करती है. साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस अपनी चिंता करें मेरी चिंता करके अपना खून ना जलाएं.

चुनावी तैयारियों में जुटे दोनों दल
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए रणनीति तैयार होने लगी है. दोनों ही दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. चेहरे को लेकर बीजेपी के भीतर धुंध छूटने लगा है. इस धुंध के साथ ही छटने लगा है बड़े नेताओं के चेहरे का विश्वास. क्योंकि बीते विधानसभा चुनाव में हारे तमाम बड़े चेहरे इस जुगत में जुटे थे कि इस चुनाव में अपने चेहरे के दम पर मिशन फतेह करेंगे. लेकिन नितिन नवीन के एक बयान ने सारे नेताओं के चेहरों पर हवाइयां उड़ा दी है और बीजेपी को फिर से संगठन आधारित पार्टी पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है.

Tags: Chhattisgarh bjp, Chhattisgarh news, Raipur news


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