चीनी कंपनी के टेस्ट किट के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं. सांकेतिक फोटो.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आईसीएमआर (ICMR) द्वारा प्रतिबंधित की गई चीनी कंपनी के रैपिड एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट किट का उपयोग कोविड-19 के परीक्षण के लिए किया गया.
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्च के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नितेश मिश्रा ने प्रतिबंधित चीनी किट से विधायक और अफसरों की जांच किए जाने पर सवाल उठाए. नितेश ने एक ट्वीट कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जांच की मांग की.
मुख्यमंत्री जी @bhupeshbaghelइस मामले की गम्भीरता को समझना चाहिए और जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होनी चाहिये। @PMOIndia @JPNadda @poonam_mahajan@BJYM @BJP4CGState @aniljaindr @1974pawansai @ThakurRanjitDas @TS_SinghDeo pic.twitter.com/cLpwDBstHQ
— Nitesh Kumar Mishra (@nitesh4bjym) April 27, 2020
चीनी किट वापस करने के निर्देश
गौरतलब है कि चीनी कंपनी गुआंगझोऊ वोंडफो बायोटेक और झूहाई लिवजॉन डायग्नोस्टिक रैपिड एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट किट के परिणाम को लेकर शिकायत मिली. इसके बाद इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने इससे जांच पर 21 अप्रैल को 48 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया. आईसीएमआर ने कहा था कि इसके परिणाम सही नहीं आ रहे हैं. किट की जांच होगी और उसके बाद ही इससे जांच की अनुमति दी जाएगी. इसके बाद 27 अप्रैल को आईसीएमआर ने राज्य सरकारों को एक पत्र जारी कर उक्त चीनी कंपनी के रैपिड टेस्ट किट को वापस करने के निर्देश दे दिए.
..तो फिर क्यों की गई जांच?
छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा 27 अप्रैल की शाम को कोविड-19 को लेकर जारी एक विशेष बुलेटिन में कहा गया- राज्य सरकारों की शिकायत के बाद आईसीएमआर द्वारा दी गई आरडी किट से जांच रोक दी गई थी. आसीएमआर द्वारा चीनी कंपनी गुआंगझोऊ वोंडफो बायोटेक और झूहाई लिवजॉन डायग्नोस्टिक के किट को अमानक बता कर उसे वापस करने के निर्देश दिए गए हैं. अब सवाल उठ रहा है कि 21 अप्रैल को प्रतिबंध के बाद बिलासपुर में विधायक, अफसरों और पत्रकारों की जांच इस किट से क्यों की गई? बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय ने 25 अप्रैल की शाम को एक ट्वीट कर लिखा- ‘आज मैंने अपना कोरोना की संक्रमण बीमारी के लिए रेपिड टेस्ट किट से परीक्षण करवाया’
आज मैंने अपना कोरोना की संक्रमण बीमारी के लिए रेपिड टेस्ट किट से परीक्षण करवाया। इस अवसर में जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री विजय सिंह माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी के करीबी श्री पंकज सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्तिथ थे। pic.twitter.com/IcDoVw6ROv
— shailesh pandey (@shailesh30cvru) April 25, 2020
कलेक्टर और सीएमएचओ ने नहीं दिया जवाब
चीनी किट से विधायक और अन्य की कोरोना जांच की पुष्टि और उठ रहे सवालों के जवाब के लिए न्यूज 18 ने बिलासुपर के कलेक्टर संजय अलंग और सीएमएचओ प्रमोद महाजन को मोबाइल नंबर पर मैसेज किए. सीएमएचओ प्रमोद महाजन को कई कॉल भी किए, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका कोई जवाब नहीं मिला.
हॉट स्पॉट में फिर से होगी जांच
कोरोना के सैंपल जांच मामलों में प्रदेश के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गव्हई ने न्यूज 18 को बताया कि बिलासपुर में चीनी किट से जांच की उन्हें जानकारी नहीं है. प्रदेश में कोरोना के हॉट स्पॉट कोरबा जिले के कटघोरा में उस किट से करीब 500 लोगों के रैपिड टेस्ट हुए हैं. इस किट को अमानक माना गया है. इसलिए उनकी फिर से जांच की जाएगी.
मंत्री ने कहा- प्रतिबंध से पहले हुई जांच
बिलासपुर में चीनी किट से विधायक और अन्य की जांच मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने न्यूज 18 से बातचीत में 27 अप्रैल को आईसीएमआर द्वारा जारी पत्र का हवाला दिया. मंत्री सिंहदेव ने कहा- ‘जब टेस्ट हुआ तब रोक नहीं थी. बचे किट वापस किये जा रहे हैं.’
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First published: April 28, 2020, 8:25 AM IST


