
जी हां, हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश की। जहां राज करते हैं – राजाधिराज महाकाल। उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना कर देश को विश्वपटल पर अधिष्ठित करने का काम किया है शिवराज ने। एसे मुखिया वाली सरकार के राज्य में भला कोई कैसे अनाथ रह सकता है?
ऐसे ही ’शिव’ ने वंचितों के लिए ’’मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना’’ शुरू की है। कोविड महामारी से जिन बच्चों ने माता-पिता को खो दिया, उन्हें अनाथ नहीं होने दिया। उनके नाथ बने मामा शिव राज।
शिव उन बच्चों को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा प्रदान दे रहे हैं। बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। अब वे बच्चे गरिमापूर्ण जीवन यापन कर रहे हैं। यही नहीं, शिवराज मामा दीपावली, रक्षाबंधन जैसे त्योहार भी इन बच्चों के साथ मनाते हैं।
ऐसे ही हैं शिव राज जो अनाथ बच्चों की जिंदगी सँवारने, उज्ज्वल भविष्य बना रहे हैं। उन्हें खुशियाँ दे रहे हैं।
शिवराज के भाव को उनकी ही एक कविता से समझा जा सकता है-
अंतरतम का नेह निचोड़ें
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दीया जलाएँ
आइए, हम दीपावली को कुछ खास बनाएँ
- 1399 हितग्राही हैं मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना के
- 5000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रतिमाह दी जा रही
- निःशुल्क अनाज दिया जा रहा है
- स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी पढ़ाई मुफ्त में कराई जा रही है

