जुलाई-2021 से शुरू होगा न्यूनतम समान पाठ्यक्रम


जुलाई-2021 से शुरू होगा न्यूनतम समान पाठ्यक्रम – मंत्री डॉ. यादव


राज्य-स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित 


भोपाल : बुधवार, फरवरी 17, 2021, 19:20 IST

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में स्नातक प्रथम वर्ष के लिये पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में न्यूनतम समान पाठ्यक्रम जुलाई-2021 से संचालित किया जायेगा। मंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत राज्य-स्तरीय टॉक्स फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में समिति के सदस्यों से सुझाव लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों का सकल पंजीयन बढ़ाने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से योजना तैयार की जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका होगी। बेहतर प्रत्यायन और रैंकिंग प्राप्त करते हुए अधिकाधिक शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। प्रत्येक जिले में कम से कम एक महाविद्यालय को आदर्श बनाया जायेगा। एकल संकाय महाविद्यालयों को बहुसंकाय महाविद्यालय में उन्नयन करने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने शोध कार्यों एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।

मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति बेहतर ढंग से लागू की जायेगी। बैठक में रखे गये सुझावों को ध्यान में रखकर चार सदस्यीय समिति बनाकर विभिन्न पाठ्यक्रमों में संशोधन की कार्यवाही की जायेगी। स्नातक प्रथम वर्ष से शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पाठ्यक्रमों में लोक संस्कृति एवं लोक भाषा का ध्यान रखा जायेगा।

प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि नई शिक्षा नीति में सकल पंजीयन अनुपात को 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिये लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये एक चुनौती के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ा जाये, तो हमारी उपलब्धि होगी।

समिति के सदस्यों ने रोजगारमूलक शिक्षा के लिये विभिन्न नवाचार करने के सुझाव रखे। सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र खोलने, उच्च शिक्षा में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, उद्योग विशेषज्ञों की राय लेने सहित अन्य बिन्दुओं को शामिल करने के सुझाव रखे।


लक्ष्मण सिंह


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