आत्मसमर्पण करने वालों में सुरेश कादती (35) भी शामिल है. वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल था. (सांकेतिक फोटो)
अधिकारी ने बताया कि विद्रोही पुलिस के पुनर्वास अभियान ‘लोन वर्राटू’ से प्रभावित हुए हैं और माओवादियों (Maoists) की ’खोखली’ विचारधारा से निराश हो गए हैं.
आत्मसमर्पण करने वालों में सुरेश कादती (35) भी शामिल है. वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल था. वह 2007 में बिजापुर में रानीबोदली पुलिस चौकी पर हमले के मामले में वांछित था, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गये थे. इसके अलावा वह 2006 में मुरकिनार में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के शिविर पर किए गए हमले के सिलसिले में और 2008 में मोडकपाल में घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में भी वांछित था. उन्होंने बताया कि कादती के सिर पर तीन लाख रुपये का इनाम था.
छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान घायल हो गया था
वहीं, बीते दिनों खबर सामने आई थी कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में तीन अलग-अलग घटनाओं में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के एक जवान समेत दो जवान शहीद हो गए, तो एक अन्य जवान घायल हो गया है. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बुधवार को बताया कि जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र में आईटीबीपी के जवान और डीआरजी के जवान की मृत्यु हुई है. वहीं, कुकराझर थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान घायल हो गया है. जवान एल बालचंद्र की मृत्यु हो गई थी
पुलिस अधिकारी ने बताया था कि आईटीबीपी की 53वीं बटालियन के जवानों को सोनपुर थाना क्षेत्र में गश्त के लिए रवाना किया गया था. दल के जवान जब क्षेत्र में बारूदी सुरंगों की तलाश के अभियान पर थे, तभी वापसी के दौरान एक नाले के समीप पाइप बम में विस्फोट हो गया. उन्होंने बताया कि इस घटना में जवान एल बालचंद्र की मृत्यु हो गई.

