पुलिस मामले की जांच की बात कर रही है. (सांकेतिक चित्र)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि अवैद खनन का विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इसकी जांच शुरू हो चुकी है.
इस हमले में जिला पंचायत सदस्य का एक हाथ टूट गया और शरीर पर जगह-जगह मारपीट के निशान भी है. वहीं उनके साथ हमले का शिकार हुए लोगों के चेहरे और पीठ पर भी गंभीर जख्म देखे जा सकते हैं. घायल खूबलाल ने बताया कि जो लोग पहले शराब ठेका चलाते थे वही लोग अब रेत खदानों को चला रहा हैं. कहा जा रहा है कि इनमें यूपी, बिहार और पंजाब के गुंडे तत्व शामिल हैं जिन्होंने लाठी, रॉड और तलवारों से हमला किया. जिला पांचायत सदस्य के मुताबिक खदानों में नियम के खिलाफ मजदूरों की जगह मशीनों से काम लिया जा रहा है. इसके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था.
इससे पहले भी मजदूरों की हो चुकी है पिटाई
इस घटना के दो दिन पहले ही जिले के मंदरौद खदान में ठेकेदारों ने मजदूरों से मारपीट की थी. मजदूरों ने इस मामले की शिकायत सीधे प्रभारी मंत्री कवासी लखमा से की थी और कारर्वाई की मांग की थी. हालांकि अभी तक उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है.ये भी पढ़ें: AIIMS PG 2020 : एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी, यहां चेक करें पूरी जानकारी
सरकारी आदेश कागजों तक
दरअसल, सरकार ने बरसात को देखते हुए आदेश जारी किया है कि 15 जून से 15 अक्टूबर तक तमाम रेत खदानें बंद रखी जाएंगी. लिहाजा इस बीच खदानों से उत्खनन नहीं किया जा सकता, लेकिन ये आदेश कागजों तक ही सीमित है. इसके अलावा बार-बार गुंडागर्दी और अवैध उत्खनन की शिकायतें साफ दिखा रही है कि खनिज विभाग का खदानों में कोई नियंत्रण नहीं है. खदान अब माफिया चला रहा है जिसे किसी कानून का डर नहीं है.
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पुलिस मामले की जाच में जुटी
हालांकि जोरातराई की घटना कुरूद थाना क्षेत्र की है, लेकिन पीड़ितों ने इसकी शिकायत रूद्री थाना जाकर की. अब पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे ने बताया कि अवैद खनन का विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इसकी जांच शुरू हो चुकी है. दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
First published: June 19, 2020, 3:53 PM IST