Naxal Movement: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 तय की थी और इस पर लोकसभा में चर्चा हो चुकी है. अब डेडलाइन के आखिरी दिन दंतेवाड़ा में नक्सलवाद पर अंतिम वार किया गया है, जहां 5 माओवादियों ने सरेंडर किया है. इन नक्सलियों ने 40 हथियार भी सुपुर्द किए हैं. इसकी जानकारी बस्तर के डीआईजी पी. सुंदरराज ने दी है और उन्होंने इसे ऐतिहासिक सफलता बताया है. वहीं दूसरी तरफ DRG, ITBP, BSF जवानों की संयुक्त कार्रवाई में नारायणपुर में एक लाख के इनामी नक्सली ने सरेंडर किया है.
डेडलाइन के आखिरी दिन नक्सलियों के सरेंडर करने का सिलसिला लगातार जारी है. नारायणपुर में ग्रामीणों के सहयोग से जवानों को मिली बड़ी सफलता मिली है. सुरक्षाबलों ने 59 हथियार बरामद, 1856 जिंदा राउंड (गोला बारूद), विस्फोटक एवं IED से संबंधित 581 नग सामग्री, खोखा 1908 नग, बीजीएल राउंड एवं लॉन्चर कुल 330 नग बरामद किए हैं.
बस्तर संभाग पूरी तरह से नक्सल मुक्त
बस्तर के आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि बस्तर संभाग पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो गया है. नक्सल कमांडर पापाराव के सरेंडर के बाद कोई भी नक्सल मूवमेंट नहीं बची है. कोई नक्सली बस्तर में अभी सक्रिय नहीं है.
सरेंडर करते समय नक्सलियों ने सौंपी घातक हथियार
पी सुंदरराज ने अपने बयान में कहा कि लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. सुरक्षा बलों का दबाव और सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति के कारण नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एसएलआर, इंसास, कार्बाइन, .303 रायफल, बीजीएल लॉन्चर, मोर्टार जैसे घातक हथियार सौंपे हैं, जो नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते थे.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिलेगी आर्थिक सहायता
पी सुंदरराज के अनुसार यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि नक्सल विचारधारा से मोहभंग का संकेत है. उन्होंने कहा कि अब नक्सली भी समझ रहे हैं कि हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की मुख्यधारा में शामिल होना ही बेहतर विकल्प है. दंतेवाड़ा पुलिस ने बताया कि सभी सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास और समाज में पुनर्स्थापना की सुविधाएं दी जाएंगी.
केंद्र स्तर पर भी नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रणनीति जारी है. केंद्रीय गृहमंत्री ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में नक्सलवाद तेजी से कमजोर हो रहा है और जल्द ही इसका पूर्ण खात्मा संभव है.
दंतेवाड़ा की यह सफलता न केवल सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की नई उम्मीद भी जगाती है.
मुख्यमंत्री बोले-31 मार्च का दिन ऐतिहासिक
नक्सलवाद के खात्मे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है. छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हुआ. छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद बड़ी बाधा था. अब छत्तीसगढ़ का विकास तेजी से होगा. स मौके पर CM ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास, विश्वास समृद्धि के युग में अग्रसर होगा. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दृढ संकल्प को दिया. रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की है और उन्होंने छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होने पर बधाई दी है.
कांकेर में 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर
कांकेर में पूना मारगेम के तहत 11 माओवादियों ने सरेंडर किया है. ये सभी कुल 60 लाख रुपए के इनामी रहे हैं. आत्म समर्पण करने वाले अपने साथ हथियार भी लाए हैं. साथ ही कांकेर जिले में सर्चिंग के दौरान बड़े मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री और नगदी बरामद की गई है. आत्म समर्पित नक्सली आरकेबी डिविजन और नॉर्थ बस्तर डिविजन के नक्सली शामिल हैं. जवानों को सर्चिंग के दौरान अलग अलग क्षेत्रों से डंप समान बरामद हुआ, जिसमें बीजिएल लॉन्चर , अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं.
बीजापुर में 25 नक्सलियों ने किया सरेंडर
डेडलाइन के आखिरी दिन बीजापुर में भी नक्सलियों ने सरेंडर किया. जहां 25 से अधिक नक्सलियों ने 93 हथियारों के साथ सरेंडर कर दिया. समर्पण करने वाले नक्सलियों की निशानदेही पर 14 करोड़ 6 लाख रुपयों का डंप बारमद किया गया. बारमद डंप से 7.2 किलो सोना, जिसकी कीमत 11.16 करोड़ रुपये है. साथ ही 2.90 करोड़ रुपये नगद बरामद किया गया.
बस्तर के आईजी ने कहा कि गिनती के कैडर रह गए हैं. उन्हें लौटने का अवसर पुलिस दे रही है. अब बस्तर में कोई हत्या, धमाका नहीं होगा. नक्सलवाद के खात्मे में डीआरजी जवानों का अविस्मरणीय योगदान रहा.
नक्सलवाद को खत्म करने में DRG की अहम भूमिका
नक्सलवाद को बस्तर से खत्म करने में डीआरजी, बस्तर फाइटर और सेंट्रल फोर्स ने अहम भूमिका निभाई. वासवा राजू का एनकाउंटर, सुधाकर, रामचंद्र रेड्डी, बालकृष्ण, हिड़मा, गणेश यूके के ढेर करने के बाद माओवाद संगठन पर दबाव बढ़ा है. करेगुट्टा हिल्स आपरेशन भी ट्रेनिंग पॉइंट रहा है.
क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
नक्सलवाद समाप्ति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज 31 मार्च है अमित शाह जी के कथन अनुसार आज छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन है. कल लोकसभा में उन्होंने झूठ बोला की हमारी सरकार ने मदद नहीं की. मैं चुनौती देता हूं. अमित शाह जी को की स्थान और जगह तय कर ले. मैं बहस के लिए तैयार हूं, लेकिन प्रदेश को देश गुमराह नहीं करना चाहिए. नक्सलवाद के खिलाफ कांग्रेस ने काम किया है.
Source link