‘थ्री डब्ल्यू’ (Three Ws’) के नाम से विख्यात तिकड़ी का हिस्सा रहे एवर्टन वीक्स नहीं रहे. वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज सर वीक्स का बारबाडोस में 95 साल की उम्र में निधन हो गया. वीक्स को 2019 में हार्ट अटैक आया था और इसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब थी. वीक्स के निधन पर वेस्टइंडीज क्रिकेट ने गहरा दुख जताया है.
विंडीज क्रिकेट ने ट्वीट कर लिखा. ‘हम अपने ‘आइकन’ के चले जाने से दुखी हैं. दिग्गज, हमारे हीरो, सर एवर्टन वीक्स. हमारी संवेदना उनके परिवार, दोस्तों और दुनियाभर के कई प्रशंसकों के लिए.. RIP’
Our hearts are heavy as we mourn the loss of an icon. A legend, our hero, Sir Everton Weekes. Our condolences go out to his family, friends and many fans around the world. May he rest in peace. 🙏🏽 pic.twitter.com/RnwoJkhjPd
— Windies Cricket (@windiescricket) July 1, 2020
बारबाडोस में जन्मी तिकड़ी में शामिल रहे दो अन्य दिग्गजों का पहले ही निधन हो चुका है. क्लाइव वॉलकॉट का 2006 में 80 साल की उम्र में निधन हुआ, जबकि फ्रैंक वॉरेल ने 1967 में महज 42 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी. 18 महीने के अंदर जन्मी इस ‘थ्री डब्ल्यू’ ने कैरेबियाई क्रिकेट को बड़ी ऊंचाइयां दीं.
वीक्स की टाइमिंग बहुत अच्छी मानी जाती थी. वह बहुत जल्दी गेंद की लेंथ पहचान लेते थे. उन्होंने 152 फर्स्ट-क्लास मैचों में 12010 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 55.34 रही. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 36 शतक और 54 अर्धशतक लगाए. उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 304 रन रहा.
Everton Weekes, one of West Indies’ greatest batsmen and a former ICC match referee, has passed away at the age of 95. May he rest in peace. pic.twitter.com/m6aP7JamPE
— ICC (@ICC) July 1, 2020
वीक्स ने 1948-1958 के दौरान 48 टेस्ट मैचों में 58.61 की औसत से 4455 रन बनाए. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 15 शतक और 19 अर्धशतक जमाए थे. उनका उच्चतम स्कोर 207 रन रहा.
एवर्टन वीक्स के नाम एक अद्भुत रिकॉर्ड है. उन्होंने टेस्ट की लगातार पारियों में सर्वाधिक शतक (5) जमाए. उन पांच लगातार शतकों में उन्होंने पहला शतक 1948 में किंग्सटन में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया और उसी साल अगली 4 पारियों में भी शतक जमाए, जो भारत के खिलाफ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता (दोनों पारी) में बने थे.
Frank Worrell (left) and Weekes walk out to bat (Getty)
वीक्स ने ऑस्ट्रेलिया के जैक फ्रींगलटन और साउथ अफ्रीका के एलेन मेलविल को पीछे छोड़ा था, जिन्होंने क्रमश:1936 और 1939-1947 में लगातार चार पारियों में शतक जमाए थे. 2002 में राहुल द्रविड़ ने भी लगातार 4 टेस्ट पारियों में शतक जमाए, जो भारत की और से रिकॉर्ड है.
क्रिकेट से संन्यास के बाद भी वीक्स खेल से जुड़े रहे. उन्होंने बतौर कोच, प्रशासक और मैच रेफरी की भूमिका निभाई. उन्हें 1995 में सर की उपाधि दी गई थी.


