Last Updated:
जांजगीर चांपा के नवागढ़ में जीएलडी पब्लिक स्कूल पर शिक्षिका गीता महंत ने वेतन घोटाले, मानसिक प्रताड़ना, पीएफ गड़बड़ी और अवैध बर्खास्तगी के आरोप लगाए. शिकायत में दावा किया गया है कि रिकॉर्ड में शिक्षकों को 13,336 रुपये वेतन देना दर्शाया जाता था, लेकिन वास्तविक रूप से केवल 5,000 रुपये ही दिए जाते थे.

जीएलडी पब्लिक स्कूल में वेतन घोटाला
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित जीएलडी पब्लिक स्कूल खैरताल अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है. स्कूल की शिक्षिका गीता महंत ने स्कूल संचालक पंकज कुमार देवांगन और प्राचार्य डॉ. शिवपूजन पांडे पर वेतन हेराफेरी, मानसिक प्रताड़ना, पीएफ राशि जमा नहीं करने, शासकीय अवकाश में जबरन काम कराने और बिना नोटिस नौकरी से निकालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
जबकि बाकी राशि अलग-अलग खातों के माध्यम से वापस ली जाती थी. आरोप है कि यह पूरा खेल शासन और शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में अधिक वेतन दिखाने के लिए किया जाता था.
शिक्षा माफिया की खुल रही परतें
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या जिले में निजी स्कूलों की आड़ में ‘शिक्षा माफिया’ सक्रिय है? क्या कागजों में मोटी सैलरी दिखाकर शासन को गुमराह किया जा रहा था? आखिर विभागीय निरीक्षण और जांच के दौरान यह कथित खेल वर्षों तक कैसे चलता रहा?
पीड़ित शिक्षिका गीता महंत का आरोप है कि जब उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो संचालक पंकज कुमार देवांगन और प्राचार्य डॉ. शिव पुजन पांडे द्वारा कथित तौर पर कहा गया- ‘5000 रुपये में ही काम करना पड़ेगा, शासन को दिखाना पड़ता है कि ज्यादा वेतन दे रहे हैं.’
इतना ही नहीं, शिक्षिका ने आरोप लगाया कि छुट्टी मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बिना किसी नोटिस और लिखित सूचना के नौकरी से निकाल दिया गया. साथ ही पीएफ राशि जमा नहीं करने और अतिरिक्त कार्य कराने के भी आरोप लगाए गए हैं.
प्रशासन को सौंपे गए दस्तावेज
मामले की शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला थाना और नवागढ़ थाना तक पहुंच चुकी है. शिकायत के साथ नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड, छुट्टी आवेदन, अनुभव प्रमाण पत्र और व्हाट्सएप चैट जैसे दस्तावेज भी सौंपे गए हैं.
मामला सामने आने के बाद अब जिले के निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली, शिक्षकों के कथित आर्थिक शोषण और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला जिले में चल रहे कथित ‘शिक्षा माफिया’ की बड़ी परतें खोल सकता है.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
Source link


