- मुंबई पहुंचते-पहुंचते कम हुई तूफान की रफ्तार
- रायगढ़, पालघर जिले में तूफान ने मचाई तबाही
कोरोना संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र में बुधवार को निसर्ग तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई. अलीबाग में बुधवार दोपहर तूफान टकराया था. निसर्ग तीन घंटे तक अपना असर दिखाता रहा, फिर उसके तेवर ढीले पड़ गए और इस तरह मुंबई के लोगों ने राहत की सांस ली. हालांकि, तूफान की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई है.
पुलिस की माने तो निसर्ग तूफान की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई है. इसमें दो मौतें पुणे और एक मौत रायगढ़ जिले में हुई है. अलीबाग में टकराने के वक्त निसर्ग की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा थी, लेकिन जैसे-जैसे तूफान आगे बढ़ता गया, उसकी रफ्तार कम हो गई. मुंबई में तूफान की रफ्तार 25 किमी प्रति घंटा रही.
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निसर्ग ने भले ही मुंबई में तबाही नहीं मचाई, लेकिन महाराष्ट्र के पालघर और रायगढ़ जिले में जबरदस्त कहर बरपाया है. तेज हवाओं, भारी बारिश के कारण कुछ जगहों पर छतों पर लगाए गए टिन की छतें उड़ गईं. पेड़ और बिजली के खंभे भी उखड़ गए. समुद्र में 6-8 फीट लहरें उठ रही थी.
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रायगढ़ में निसर्ग तूफान से बचने के लिए घर जाते हुए एक 58 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है. उस पर बिजली ट्रांसफार्मर गिर गया था. वहीं, पुणे में हुए अलग-अलग हादसों में एक 65 वर्षीय महिला और एक 52 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोगों और अधिकारियों की तत्परता ने तूफान के नुकसान को कम कर दिया.
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सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन सभी को धन्यवाद, जिन्होंने निसर्ग चक्रवात का सामना किया, वह भी उस समय जब महाराष्ट्र कोरोना से जूझ रहा है. हम सभी ने निसर्ग तूफान से होने वाले नुकसान को कम किया. लोगों और प्रशासन ने कड़ी मेहनत की और तूफान की रफ्तार कम हो गई.