- नारायण राणे ने की थी राष्ट्रपति शासन की मांग
- थोराट बोले- राष्ट्रपति शासन का सवाल ही नहीं
कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में मचे सियासी उठापटक पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उद्धव सरकार में मंत्री बालासाहेब थोराट का बयान आया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और NCP सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात को लेकर उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी (MVA) के अन्य दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है. कांग्रेस दुखी नहीं है. हम सभी नेता मिलते रहते हैं और कम से कम सप्ताह में एक बार मीटिंग जरूर करते हैं.
बीजेपी नेता नारायण राणे द्वारा राष्टपति शासन की मांग पर उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन का कोई सवाल ही नहीं है. वहीं, संजय निरूपम की ओर से सरकार पर खड़े किए गए सवाल पर थोराट ने कहा कि ये उनका व्यक्तिगत विचार होगा, पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है.
शरद पवार ने दी थी सफाई
बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और NCP सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उद्धव सरकार पर संकट की बात कही थी. हालांकि इस पर खुद शरद पवार ने सफाई दी थी. इंडिया टुडे से बात करते हुए एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि हम सभी दल उद्धव सरकार के साथ हैं. मेरी मुलाकात का मुख्य उद्देश्य कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लेकर कुछ सुझाव देना था. उद्धव सरकार पर कोई संकट नहीं है.
अचानक क्यों उद्धव से मिलने पहुंचे पवार? एनसीपी चीफ ने दिया जवाब
हमारी सरकार मजबूत हैः संजय राउत
संजय राउत ने मंगलवार सुबह ट्वीट करते हुए लिखा कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने सोमवार को मातोश्री पर मुलाकात की. दोनों नेताओं ने एक घंटे से अधिक बात की, अगर कोई खबर फैला रहा है कि महाराष्ट्र की सरकार संकट में है तो उसके पेट में दर्द है. हमारी सरकार मजबूत है और चिंता की कोई बात नहीं है.
बता दें कि बीते दिनों महाराष्ट्र में भाजपा के नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था और कोरोना से लड़ाई में फेल होने का आरोप लगाया था.