छतरपुर। बुंदेलखंड की सबसे बड़ी *बुंदेलखंडी कांवड़ यात्रा 10 अगस्त को जटाशंकर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर संपन्न हुई।* यात्रा के दौरान कांवड़ियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था नयागांव में की गई थी। यात्रा समाप्त होने के बाद उसी स्थान पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली।9 और 10 अगस्त को जिन हाथों में भगवान शिव के लिए कांवड़ थी, उन्हीं हाथों में अब झाड़ू नजर आई। नयागांव में लगे पंडाल के आसपास दोने-पत्तल और अन्य कचरा फैला हुआ था। *कांवड़ियों ने खुद आगे आकर पूरे परिसर की सफाई की। पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ‘गुड्डू भैया’ और रामानंद आश्रम सेवा समिति की पूरी टीम भी सफाई अभियान में जुटी और लोगों को स्वच्छता व सेवा का संदेश दिया।**नयागांव को मिली नई सौगात*इसी दौरान नयागांव के लिए एक बड़ी घोषणा भी सामने आई। जिस स्थान पर बुंदेलखंडी कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वहां स्थायी डोम (टेंट स्ट्रक्चर) बनाने का वादा किया गया है।*गुड्डू भैया ने कहा कि जल्द ही यहां स्थायी डोम तैयार कराया जाएगा, ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के रुकने के लिए एक स्थायी व्यवस्था उपलब्ध हो सके।* इससे धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।एक तरफ कांवड़ियों ने सफाई कर ‘सेवा के बाद स्वच्छता’ का संदेश दिया, तो दूसरी तरफ नयागांव में स्थायी डोम की घोषणा ने आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा की उम्मीद जगा दी।


