- लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम जारी
- मध्य प्रदेश में गुजरात और राजस्थान से 2,400 मजदूर वापस आए
कोरोना वायरस से निपटने से लिए देश भर में लागू लॉकडाउन को एक महीने से ज्यादा समय हो गया है. ऐसे में देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को प्रदेश सरकारें लाने की दिशा में सक्रिय हो गई हैं. उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, पंजाब सहित तमाम राज्य सरकारें बस भेजकर अपने-अपने मजदूरों को लाने की कवायद शुरू कर दी है तो ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अपने प्रवासी मजदूरों के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं, जिसमें लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने पर चर्चा होगी. ऐसे में प्रवासी मजदूर के बाहर रहते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. इसीलिए अब राज्य सरकारों ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को भी वापस लाने का सिलसिला शुरू कर दिया है. इसमें दो राज्य सरकार आपसी समन्वय के साथ प्रवासियों मजदूरों को एक दूसरे राज्य के बार्डर पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी शुरुआत दो दिन पहले ही कर दी है. यूपी की योगी सरकार ने हरियाणा सरकार के साथ समन्वय बनाकर करीब 10 हजार श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने का काम किया है. हरियाणा सरकार ने यूपी के मजदूरों को उनके राज्य की सीमा पर लेकर छोड़ दिया था, जिसके बाद योगी सरकार अपनी बसों से उन्हें घर छोड़ रही है.
हालांकि, हरियाणा की सीमा से लगे प्रदेश के जिलों में डॉक्टरों की टीम मजदूरों की जांच कर उन्हें 14 दिनों तक घर में क्वारनटीन रहने की सलाह दे रहे हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार के भी फंसे मजदूरों को वापस लाने की दिशा में राज्य सरकारें कदम उठा सकती है.
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यूपी की तरह मध्य प्रदेश सरकार ने भी गुजरात में फंसे अपने प्रवासी मजदूरों को वापस लाया है. शिवराज सरकार ने 98 बसों में गुजरात से करीब 2,400 मजदूरों को लाया और उन्हें घर में क्वारनटीन रहने के लिए कहा गया है. ऐसे ही राजस्थान में फंसे मजदूरों को वापस मध्य प्रदेश लाया जा रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों में फंसे लोगों को भी लाया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को पत्र लिखा है कि वहां के लोगों को वापस आने दें.
लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र में फंसे पंजाबी श्रद्धालु भी वापस राज्य लौट आए हैं. महाराष्ट्र के नांदेड के तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब गया सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था रविवार सुबह पंजाब लौटा है. ये सभी मार्च के महीने में वहां गए थे, तभी लॉकडाउन हो गया और ये सब फंसे हुए थे. पंजाब सरकार ने इन्हें महाराष्ट्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर वापस लाया है.
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से वहां फंसे अपने मजदूरों को सुरक्षित बुलाने पर चर्चा की थी. गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी ने इसमें पूरा सहयोग देने का वादा किया. इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है. ओडिशा सरकार ने पहले गुजरात और इसके बाद दिल्ली एनसीआर में रहे मजदूरों को राज्य में वापस लाने का फैसला किया है. इन श्रमिकों को बसों के द्वारा लाया जाएगा. उद्धव ठाकरे ने भी ओडिशा सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे प्रवासी मजदूरों के मसले पर केंद्र सरकार से बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा. हालांकि उद्धव ने साफ कहा कि एक बात तय है कि ट्रेनें चलने नहीं जा रहीं, क्योंकि हमें भीड़ नहीं चाहिए. वर्ना लॉकडाउन को और आगे बढ़ाना पड़ेगा.
राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग कर रही हैं. मजदूरों को वापस लाने के लिए पंजाब, गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने केंद्र सरकार से इस तरह के नीति बनाने की मांग की है. माना जा रहा है कि पीएम के साथ बैठक में भी इस दिशा में चर्चा ही सकती है.

