बिलासपुर में दोहरी आत्महत्या, चाचा के साथ नाबालिग भतीजी ने फंदे से झूलकर दी जान

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चाचा के साथ नाबालिग भतीजी ने दे दी जान. (सांकेतिक फोटो)

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चाचा के साथ नाबालिग भतीजी ने दे दी जान. (सांकेतिक फोटो)

दोनों बच्चों को फंदे पर झूलता देख शशिकांत की मां ने तुरंत गौरी के परिवार के सदस्यों और गांववालो को खबर दी. इसके साथ-साथ उन्होंने पुलिस को सूचित किया.

बिलासपुर. बिलासपुर के घुमारवीं थाना क्षेत्र में चाचा और भतीजी ने फांसी लगाकर जान दे दी है. यह मामला घुमारवीं थाना के तहत आनेवाले गांव प्लासला का है. इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम प्लासला गांव रवाना हो गई है. खुदकुशी करने वालों की पहचान शशिकांत (22) और गौरी (14) के रूप में की गई है.

सिलाई सेंटर से लौटी मां तो पता चला खुदकुशी का

बताया जाता है कि शनिवार दोपहर शशिकांत की मां जब अपने सिलाई सेंटर से घर लौटी तो उसने बेटे को आवाज लगाई. जब कहीं से कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने अपने बेटे के कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर झांका. कमरे के अंदर का हाल देखकर मां के होश उड़ गए. उस कमरे में शशिकांत और गौरी फंदे से लटके हुए थे.

रिश्ते में चाचा-भतीजीजानकारी के अनुसार, गौरी रिश्ते में शशिकांत की भतीजी थी. गौरी के पिता प्रीतम चंद और शशिकांत के पिता रतन दास हैं. इन दोनों परिवारों के बीच मधुर संबंध हैं. इस वजह से गौरी कई बार शशिकांत के घर पर ही रुक जाया करती थी. हालांकि दोनों परिवारों के मकान एक-दूसरे से काफी दूरी पर बने हैं. गौरी पिछले दो-तीन दिनों से अपने चाचा शशिकांत के घर पर ही रह रही थी.

मां ने दी पुलिस को सूचना

दोनों बच्चों को फंदे पर झूलता देख शशिकांत की मां ने तुरंत गौरी के परिवार के सदस्यों और गांववालो को खबर दी. इसके साथ-साथ उन्होंने पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम प्लासला गांव के लिए रवाना हो गई है. फिलहाल, शशिकांत और गौरी ने एकसाथ आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया – इसकी वजहों का पता नहीं चल पाया.








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