भोपाल में शराब दुकानों पर महिला अफसरों की ड्यूटी, कांग्रेस ने जताया ऐतराज – Madhyapradesh bhopal liquor shop ladies officer duty excise department congress objection

  • आबकारी विभाग ने लगाई महिला अफसरों की ड्यूटी
  • कांग्रेस ने पूछा- बीजेपी का बेटी बचाओ नारा कहां गया

लॉकडाउन की वजह से लगातार दो महीने तक बंद रहने के बाद भोपाल में शराब की दुकानें खुलीं तो विवाद खड़ा हो गया. शराब दुकान में ना तो भीड़ उमड़ी और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ, लेकिन दुकानों पर महिला आबकारी अफसरों की ड्यूटी ने जरूर विवाद खड़ा कर दिया है.

भोपाल में करीब 70 दिनों तक बंद रहने के बाद शराब की दुकानें खुलीं तो बड़ी संख्या में खरीदार भी वहां पहुंचे. हालांकि भोपाल में सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक तो नहीं उड़ा, जैसा दिल्ली में हुआ था. लेकिन भोपाल में आबकारी विभाग का महिला अफसरों की शराब की दुकानों पर ड्यूटी लगाना विवाद का कारण बन गया है. दरअसल शराब ठेकेदारों की ओर से लाइसेंस सरेंडर कर देने के बाद 90 में से 32 शराब दुकानों का संचालन आबकारी विभाग ही कर रहा है. आबकारी विभाग ने महिला अधिकारियों की ड्यूटी शराब की दुकानों पर लगाई है.

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कांग्रेस ने जताया ऐतराज

शराब की दुकानों पर महिला अफसरों की ड्यूटी लगाने के बाद मध्यप्रदेश में जैसे सियासी तूफान खड़ा हो गया. उपचुनाव के मुहाने पर खड़े मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को शराब दुकानों में महिलाओं की ड्यूटी लगाने पर जमकर खरी-खोटी सुनाई.

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि ‘शिवराज जी आप जब विपक्ष में थे तो प्रदेश में शराब को लेकर खूब विरोध करते थे, खूब भाषण देते थे, शराब को बहन-बेटियों के लिए खतरा बताते हुए उनको साथ लेकर धरने पर बैठते थे. अब तो आपने बहन-बेटियों को ही शराब की दुकानों पर बैठा दिया? इससे शर्मनाक व दोहरा चरित्र कुछ नहीं हो सकता है.’ वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पूछा है कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली भाजपा का क्या यही असली चेहरा है.

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ड्यूटी सिर्फ सुपरविजन के लिए

हालांकि भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे ने ‘आजतक’ से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि शराब की दुकानों पर महिलाओं की ड्यूटी पर जो विवाद चल रहा है, वह बेमतलब है क्योंकि महिला अफसरों की ड्यूटी वहां सिर्फ रेवेन्यू कलेक्शन और दुकान के सुपरविजन के लिए लगवाई गई है न कि शराब बेचने के लिए. शराब बेचने का काम अभी भी पुरुष स्टाफ ही कर रहा है. हमने शासन से होमगार्ड्स की मांग की थी जो हमें मिल गए हैं. जल्द ही उनकी ड्यूटी भी वहां लगाई जाएगी.

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