भोपाल। आमतौर पर आप हाईवे पर तो गए ही होंगे, वहां आपको वाहन और उनका धुंआ नजर आया होगा। लेकिन हम आज आपको कुछ ऐसे हाईवे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपने शायद ही देखा हो। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और आरेंज सिटी नागपुर को जोड़ने वाले हाइवे की। जी हां, यह हाइवे पहले ही तैयार हो चुका था, लेकिन पर्यावरण के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए इसके कुछ भाग को नहीं बनाया गया था। लेकिन पिछले दिनों भोपाल आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस हाइवे के बचे हुए भाग को पूरा करने के लिए शिलान्यास किया। इसका निमार्ण नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (NHAI) करवा रहा है।
कहां बनाया जाएगा हाइवे
यह फोरलेन हाइवे औबेदुल्लागंज से बैतूल इंटर कोरिडोर मार्ग का एक हिस्सा है। इस निर्माण से भोपाल से नागपुर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। दरअसल, इस मार्ग का 12.38 किलो मीटर का खण्ड रातापानी वन्य-जीव अभयारण्य में आता है। पूर्व में निर्मित हाईवे में रातापानी खण्ड भोपाल-नागपुर कॉरिडोर का अधूरा है। परियोजना में वन्य-जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये आवश्यक उपायों के साथ अब यह निर्माण प्रारंभ होगा।
कहां बनेगा : भोपाल—नर्मदापुरम के बीच
कैसे बनेगा : हाईवे एलिवेटेड होगा
लंबाई : 12.38 किलो मीटर
डेड लाइन : 18 महीने
लागत : 417 करोड़ 51 लाख रुपये
खासियत : 5 बड़े पशु अंडरपास, 2 छोटे पशु अंडरपास, 01 माइनर ब्रिज, 02 व्हीकल अंडरपास होंगे
हाईवे से क्या लाभ होगा
इस हाईवे के बनने से भोपाल, होशंगाबाद, बैतूल और नागपुर का सड़क संपर्क मजबूत होगा। भारी यातायात से सड़क उपयोगकर्ता को सुविधा मिलेगी। रातापानी वन्य-जीव अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व तक बेहतर आवागमन से पर्यटन क्षेत्र को बढावा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। समय और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण में कमी आएगी। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होगी।
कैसा होगा नया हाईवे
नए फोरलेन हाइवे में वन्य-जीव अभयारण्य क्षेत्र में पशु अंडरपास होंगे। के प्रावधानों से वन्य-प्रणियों को आवागमन में आसान होगी। इसके निर्माण पर 417 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत आयेगी। हाइवे को 18 माह की अवधि में पूर्ण किया जायेगा। इस मार्ग को चौड़ा करने से वन्य-प्राणियों के आवागमन/आवास पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए 5 बड़े पशु अंडरपास (100मी., 420मी., 1226मी., 65मी. एवं 65मी.) बनाए जाएंगे। 2 छोटे पशु अंडरपास (10मी. एवं 10मी.) अधो-संरचनाएँ बनाई जायेंगी। परियोजना में एक माइनर ब्रिज एवं 2 व्हीकल अंडरपास का निर्माण भी किया जाना है।

वन्य जीवों की रक्षा के लिए नवाचार
इस हाईवे को बनाने के पीछे एनएचएआई का तर्क है कि यह हाईवे रातापानी वन्य-जीव अभयारण्य से गुजरेगा। ऐसे में प्राणियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐलिवेटेड हाईवे बनाने का निर्णय लिया गया है। जब हाईवे बन जाएगा तो नीचे से बिना बाधा के वन्यजीव विचरण करते रहेंगे, वहीं, आवागमन भी तेज गति से चलेगा।


