छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और साथ में हैं
राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव.
दो माह के भीतर सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) दूसरे स्थान पर है.
दो माह के भीतर सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है. राज्य में 1996 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया जा चुका है. चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पांच करोड़ तीन लाख 37 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 25 लाख 97 हजार ग्रामीण श्रमिकों को काम उपलब्ध कराया गया है. इस दौरान 1114 करोड़ 27 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान भी किया गया है.

छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से ताजा वित्त वर्ष के पहले दो महीने में दो करोड़ 88 लाख 14 हजार मानव दिवस बनाने का लक्ष्य दिया था. इसके सापेक्ष पांच करोड़ तीन लाख 37 हजार मानव दिवस का काम छत्तीसगढ़ में किया गया. इस तरह के छत्तीसगढ़ ने कुल काम का 37 प्रतिशत इन्हीं दो महीनों में हासिल कर लिया, जो एक बड़ी उपलब्धि है. राज्य में प्रति परिवार कम से कम 23 दिन का काम मनरेगा के अंतर्गत दिया गया, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 16 दिन ही है.कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में मनरेगा के अंतर्गत व्यापक स्तर पर शुरू किए कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. विपरीत परिस्थितियों में इसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को रोजी-रोटी की चिंता से मुक्त करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने लॉक-डाउन के दौरान मनरेगा में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों की पीठ थपथपाई. उन्होंने प्रदेश भर में सक्रियता एवं तत्परता से किए गए कार्यों की सराहना करते हुए सरपंचों, मनरेगा की राज्य इकाई तथा जिला एवं जनपद पंचायतों की टीम को बधाई दी है.
First published: June 13, 2020, 5:59 PM IST