मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की एंबुलेंस चालक की हत्या, भाई ने चकमा देकर बचाई जान

हथियारबंद नक्सलियों ने बाजार से लौट रहे दोनों भाइयों का रास्ता रोक लिया और एंबुलेंस ड्राइवर भाई की बेरहमी से हत्या कर दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नक्सलियों के चंगुल से बचकर अपहृत युवक शनिवार को गांव लौट आया और उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. नक्सलियों (Naxal) को चकमा देकर लौटे युवक ने बताया कि उसके एंबुलेंस ड्राइवर भाई को पुलिस मुखबिरी के शक में मारा गया है

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 30, 2021, 11:34 PM IST

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर (Narayanpur) में नक्सलियों ने एक एंबुलेंस चालक की कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी. इसके साथ ही नक्सली (Naxals) उसके बड़े भाई को अगवा (Kidnap) कर ले गए. शनिवार को अपहृत भाई नक्सलियों के चंगुल से बचकर गांव लौट आया. जिसके बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. नक्सलियों के चंगुल से छूट कर लौटे युवक ने बताया कि उसके भाई को पुलिस मुखबिरी के शक में मारा गया है.

मिली जानकारी के मुताबिक धनारो थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस चालक जयराम उसेंडी अपने बड़े भाई पिलदास के साथ टेकानार के मुर्गा बाजार गया था. वहां से लौटने के क्रम में रास्ते में जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर नक्सलियों ने उन्हें रोक लिया. विरोध करने पर नक्सलियों ने जयराम की हत्या कर दी और उसके बड़े भाई पिलदास का अपहरण कर अपने साथ ले गए. पिलदास एक रात नक्सलियों के चंगुल में रहकर किसी तरह उन्हें चकमा देकर लौटने में कामयाब रहा. उसने गांव के लोगों को अपने भाई की हत्या की जानकारी दी. उसने बताया कि आधा दर्जन नक्सलियों ने घेराबंदी कर उन्हें रास्ते में रोक लिया था. हथियारबंद नक्सलियों ने जयराम को पीटा और फिर कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी. उसका कहना है कि नक्सलियों ने उसकी हत्या पुलिस मुखबिरी करने के कारण करने की बात कही है.

पुलिस ने पिलदास के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि करीब आठ साल पहले भी नक्सलियों ने जयराम के परिवार को मकसोली गांव से भगा दिया था. इसके बाद पूरा परिवार धनोरा में आकर बस गया गया.







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