मुठभेड़ में आदिवासी की मौत मामला: छत्तीसगढ़ राज्यपाल ने एमपी CM शिवराज को लिखा पत्र | raipur – News in Hindi

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को छत्तीसगढ़ राज्यपाल ने चिट्ठी भेजी है. फाइल फोटो. (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राज्यपाल अनुसुईया उइके (Anusuiya Uike) ने कवर्धा (Kawardha) जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बालसमुंद निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत मामले में पत्र लिखा है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राज्यपाल अनुसुईया उइके (Anusuiya Uike) ने कवर्धा (Kawardha) जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बालसमुंद निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत मामले में पत्र लिखा है. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान को राज्यपाल उइके को पत्र लिखा है. राज्यपाल ने झामसिंह की मृत्यु की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए सीएम शिवराज को पत्र लिखा है. राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है कि मोहम्मद अकबर, मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, विधि एवं विधायी विभाग ने दूरभाष पर चर्चा में घटना के संबंध में अवगत कराया है.

राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि मंत्री अकबर ने इसकी विस्तार से जानकारी एवं रिपोर्ट भेजी है, जो इस पत्र के साथ संलग्न है. उन्होंने कहा है कि मंत्री के अनुसार पत्र में उल्लेखित तथ्यों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार से है. 6 सितम्बर 2020 को मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बालाघाट एवं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिला कबीरधाम माराडबरा जंगल क्षेत्र में छत्तीसगढ़वासी झामसिंह धुर्वे निवासी ग्राम बालसमुन्द जिला कबीरधाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई है एवं एक अन्य व्यक्ति नेमसिंह धुर्वे की हत्या का प्रयास किया गया है. इस घटना को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नक्सली मुठभेड़ बताया गया है.

राज्यपाल ने पत्र में लिखी ये बात
राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि उक्त घटना की जांच छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी से कराई गई है, जिसका प्रतिवेदन संलग्न है. जिसके अनुसार दोनों व्यक्तियों की नक्सली गतिविधियों में कभी भी संलिप्तता नहीं रही है. वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आपको 12 एवं 14 सितम्बर 2020 को एवं गृहमंत्री से उच्च स्तरीय जांच हेतु लिखित अनुरोध किया है. उल्लेखनीय है कि यह मुठभेड़ का मामला जनजातीय क्षेत्र में एवं जनजाति समाज से जुड़ा है. परिस्थितियों को देखते हुए जनभावना के अनुरूप यदि घटना की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराई जाती है, तो वस्तुस्थिति स्पष्ट होगी और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाता है, तो उन्हें न्याय भी मिलेगा.




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