- हत्या के मामले में बाबा को मिली थी आजीवन कारावास की सजा
- अब बेटी की शादी के लिए मिली है सशर्त जमानत
हत्या जैसे संगीन मामले में आजीवन कैद की सजा काट रहे बाबा रामपाल को हाई कोर्ट ने तीन हफ्ते के लिए जमानत दे दी है. यह जमानत उसे बेटी की शादी के लिए दी गई है. इसके बाद उसे आत्मसमर्पण करना होगा.
जेल में बंद बाबा रामपाल को अपनी बेटी की शादी लिए हाई कोर्ट ने 1 जुलाई 2020 को रिहा करने का फरमान सुनाया है. यानी 1 जुलाई को बाबा रामपाल जेल से बाहर आएगा और उसे 22 जुलाई को फिर से आत्मसमर्पण करना होगा. इस दौरान 15 जुलाई को उसकी बेटी की शादी होगी.
क्या था पूरा मामला
18 नवंबर 2014 को रामपाल के सतलोक आश्रम में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. मृतक महिला रामपाल की अनुयायी थी. आगे चलकर इस मामले को भी रामपाल के खिलाफ चल रहे अन्य मामलों की सूची में शामिल किया गया था.
जबकि दूसरा मामला ठीक एक दिन बाद यानी 19 नवंबर 2014 का है. जब रामपाल के समर्थक पुलिस के साथ भिड़ गए थे. उन्होंने पुलिस को आश्रम में घुसने नहीं दिया था. इस दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी, इस हिंसा में 4 महिलाओं और 1 बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई थी. यही दोनों मामले रामपाल की परेशानी का सबब बन गये, और अदालत ने उन्हें हत्या के मामले में दोषी करार दिया था. जिसके लिए उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी.
रामपाल और उसके 15 चेलों के खिलाफ 19 नवंबर 2014 को दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2018 को रामपाल को दोषी करार देते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी.

